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भारत का सुनहरा निशाना, कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने जीता गोल्ड मेडल...

भारत का सुनहरा निशाना, कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने जीता गोल्ड मेडल...


भारत का सुनहरा निशाना कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने जीता गोल्ड मेडल

Jyothi and Rishab beat Chinese Taipei: तीरंदाजी विश्व कप 2025 के पहले चरण में भारत ने शानदार शुरुआत की है। कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में ज्योति सुरेखा वेन्नम और ऋषभ यादव की जोड़ी ने जबरदस्त धैर्य और जुझारूपन दिखाते हुए चीनी ताइपे को 153-151 से हराया। पहले दो सेट में पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने चौथे और निर्णायक सेट में बाजी पलटते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। फाइनल से पहले टीम ने स्लोवेनिया को हराकर शीर्ष दो में जगह बनाई थी।

तीसरे सेट में दिखाई दमदार वापसी

फाइनल मुकाबले में भारतीय कंपाउंड मिश्रित जोड़ी की शुरुआत भले ही धीमी रही हो, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। पहले दो सेटों में क्रमशः 37-38 और 38-39 से पीछे रहने के बावजूद, ज्योति सुरेखा वेन्नम और ऋषभ यादव ने संयम नहीं खोया।

तीसरे सेट में दोनों ने बेहतरीन निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए दो 10 और एक इनर 10 लगाकर सेट को 39-38 से अपने नाम किया।

चीनी ताइपे को पछाड़कर किया गोल्ड पर कब्जा

तीसरे सेट में मिली जीत ने मुकाबले को निर्णायक दौर में पहुंचा दिया, जहां भारतीय जोड़ी पूरी तरह हावी नजर आई। चीनी ताइपे के हुआंग आई-जौ और चेन चिह-लुन को ज़ोरदार चुनौती देते हुए ज्योति सुरेखा वेन्नम और ऋषभ यादव ने बेहद सटीक निशाने लगाए। चौथे और अंतिम सेट में भारत ने 39-36 से शानदार जीत दर्ज की और कुल स्कोर 153-151 करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

सेमीफाइनल में स्लोवेनिया को हराया था

गोल्ड मेडल जीतने से पहले भारतीय जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि और भी खास बन जाती है क्योंकि कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में शामिल किया गया है। क्वालीफाइंग राउंड में बेहतरीन स्कोर के चलते ज्योति सुरेखा वेन्नम और ऋषभ यादव को पांचवीं वरीयता मिली थी।

पहले दौर में उन्होंने स्पेन को 156-149 से हराया, फिर क्वार्टर फाइनल में डेनमार्क को कड़े मुकाबले में 156-154 से मात दी। सेमीफाइनल में भारत ने स्लोवेनिया के खिलाफ 159-155 की शानदार जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट पक्का किया था।

जज़्बे की मिसाल बनी भारतीय रिकर्व टीम

भारत की स्वर्णिम सफलता में अनुभवी तीरंदाजों की टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। पुरुष रिकर्व टीम के सदस्य धीरज बोम्मादेवरा ने वीजा संबंधी दिक्कतों के चलते मुकाबले से कुछ घंटे पहले अमेरिका पहुंचने के बावजूद गजब का संयम दिखाया और भारत को फाइनल में पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। टीम में तरुणदीप राय और अतनु दास जैसे अनुभवी तीरंदाज भी शामिल थे। भारत की पांचवीं वरीयता प्राप्त रिकर्व टीम ने स्पेन को 6-2 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ ही टीम ने इस सीजन के पहले वर्ल्ड कप में भारत के लिए दूसरा पदक पक्का कर दिया।