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तीरंदाजी एशिया कप में भारत ने लहराया परचम, 9 पदक के साथ किया शानदार प्रदर्शन

तीरंदाजी एशिया कप में भारत ने लहराया परचम, 9 पदक के साथ किया शानदार प्रदर्शन

तीरंदाजी एशिया कप में भारत ने लहराया परचम 9 पदक के साथ किया शानदार प्रदर्शन

Asia Cup Leg : भारतीय जूनियर तीरंदाजों ने एशिया कप के दूसरे चरण में शानदार शुरुआत की, लेकिन फाइनल में उनका प्रदर्शन थोड़ा फीका रहा। सात स्वर्ण पदक अवसरों में से भारत केवल दो ही जीत पाया, जबकि पांच फाइनल में उसे हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद भारत ने दो स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य सहित कुल नौ पदकों के साथ टूर्नामेंट का समापन किया।

रिकर्व में फिर खाली हाथ लौटा भारत

एशिया कप के दूसरे चरण में भारतीय तीरंदाजों ने रिकर्व और कम्पाउंड स्पर्धाओं के 10 में से सात फाइनल में जगह जरूर बनाई, लेकिन केवल दो बार ही शीर्ष स्थान हासिल कर पाए। खासकर ओलंपिक की अहम स्पर्धा माने जाने वाले रिकर्व वर्ग में भारत का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।

रिकर्व स्पर्धा में भारत एक भी स्वर्ण पदक जीतने में नाकाम रहा। टीम इवेंट में दो रजत पदक जरूर आए, लेकिन व्यक्तिगत मुकाबलों में तीरंदाज खाली हाथ लौटे। चौंकाने वाली बात यह रही कि भारतीय खिलाड़ी अपने से कम रैंकिंग वाले खिलाड़ियों से हारते नज़र आए।

कम्पाउंड ने बचाई लाज

भारतीय रिकर्व तीरंदाजों का फाइनल में प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। क्वालिफिकेशन राउंड में शीर्ष वरीयता प्राप्त पुरुष टीम फाइनल में जापान से एकतरफा अंदाज में 6-0 से हार गई। विष्णु चौधरी, पारस हुड्डा और जुयेल सरकार दो सेटों में भी 50 का आंकड़ा नहीं छू सके, जिससे हार की पटकथा पहले ही लिख गई थी।

रिकर्व मिश्रित टीम फाइनल में भी भारतीय टीम का हाल कुछ ऐसा ही रहा। चौधरी और वैष्णवी पवार की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने इंडोनेशिया के खिलाफ मुकाबले में लगातार गलतियां कीं और खिताब से चूक गई। हालांकि रिकर्व की निराशा के बीच कम्पाउंड वर्ग ने राहत दी, जहां भारत ने अपने दोनों स्वर्ण पदक जीतकर टूर्नामेंट में सम्मानजनक वापसी की।