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MP Politics: BJP Strategy, Congress Challenges

जो लिखूंगा सच लिखूंगा…

मध्यप्रदेश की राजनीति में भाजपा की महिला रणनीति, कांग्रेस की आर्थिक चुनौतियां और प्रशासनिक हलचल पर विशेष विश्लेषण। जानिए अनुराग उपाध्याय का ताजा राजनीतिक कॉलम।


जो लिखूंगा सच लिखूंगा…

अनुराग उपाध्याय

महिलाएं करेंगी कांग्रेस का सूपड़ा साफ

मध्यप्रदेश में आधी आबादी के जरिए विपक्ष का सूपड़ा साफ करने की योजना पर भाजपा सरकार ने काम शुरू कर दिया है। महिला आरक्षण बिल, जिसे आधिकारिक तौर पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम कहा गया है। भाजपा के हाथ में बड़े हथियार की तरह है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार महिला हितैषी योजनाओं पर फोकस कर रही है और भाजपा संगठन विपक्ष का स्त्री विरोधी चेहरा उजागर कर रही है। इसे लेकर संसद से सड़क तक यह जाहिर हुआ है कि विपक्ष में बैठे राजनैतिक दल महिलाओं का भला और उनकी राजनैतिक भागीदारी को बढ़ाना नहीं चाहते हैं। मुख्यमंत्री का कहना है अब अगले ढाई साल तक कांग्रेस के महिला विरोधी चेहरे और कांग्रेस के महिलाओं का हक छीनने की दास्तान को जनता के बीच ले जाया जाएगा। प्रदेश की महिलाएं ही अब कांग्रेस को जवाब देंगी।

मोहन, कैलाश, प्रहलाद क्यों बैठे

पिछले दिनों मीडिया में एक बैठक की खूब चर्चा हुई, इस बैठक में क्या हुआ सब ये जानने को उत्सुक थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पंचायत मंत्री प्रहृलाद सिंह पटेल शामिल हुए तो यहां माना गया इन तीनों नेताओं के बीच कुछ तल्खियां हैं और उन्हें दूर करने के लिए यह नेता बैठे हैं। हमने भी मामले को समझने के लिए इन नेताओं से बात की तो पता चला नर्मदा नदी की धारा अविरल कैसे बहती रहे इस पर गंभीरता से विचार और कार्य करना है। डॉ. साहब प्रदेश के मुखिया हैं सो उन्होंने अपना प्लान अपने दोनों सहयोगी मंत्रियों से साझा किया। नर्मदा नदी के किनारे इन दोनों ही मंत्रियों के विभागों में आते हैं। सुखद खबर निकलकर यही आई कि नर्मदा संरक्षण के लिए मोहन सरकार शीघ्र ही कुछ बड़ा करने जा रही है।

सौ रुपए में चलेगी कांग्रेस

कांग्रेस की माली हालात खराब है। ये हम नहीं कह रहे ये कांग्रेस नेताओं का कहना है। गाड़ी में ईंधन उधार देने वालों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। वे अब कांग्रेस से सब कुछ नकद चाहते हैं। खस्ताहाल कांग्रेस ने भोपाल के रवींद्र भवन में जिला अध्यक्षों का सम्मलेन किया। वहां भी इस पर खुलकर चर्चा हुई कि धन की किल्लत के कारण कांग्रेस के तमाम काम रुक रहे हैं। ऐसे में भाजपा से मुकाबला करने में भी बहुत सारी तकलीफें हैं। सम्मलेन में कांग्रेस के लिए धनार्जन कैसे किया जाए, इस पर भी विचार किया गया। इसके बाद तय हुआ मध्यप्रदेश में कांग्रेस को चलाने के लिए हर परिवार से सौ रुपए लिए जाएं। प्रदेश नेतृत्व ने तत्काल इस पर सहमति दे दी। लेकिन सवाल यह उठता है जिन लोगों का कांग्रेस से सरोकार नहीं है, जिनकी कांग्रेस में आस्था नहीं है वे कांग्रेस के लिए पैसा क्यों देंगे? लेकिन कांग्रेस के आला नेता ये मानकर चल रहे हैं प्रदेश में पचास प्रतिशत परिवार उनके साथ हैं और वे तो कांग्रेस को सौ रुपैया दे ही देंगे।

हमारा बाप विधायक है

पिता विधायक है तो बेटे को हर काण्ड करने की छूट मिल जाती है। पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने करैरा बाजार में पांच लोगों पर जीप चढ़ा दी और कहा लहरा-लहरा के क्यों चल रहे थे। इसके बाद उसने पीड़ितों को धमकाया मेरे पिता एमएलए हैं, वो मर्डर भी निपटा लेगा। लगता है उस समय विधायक पुत्र ने सही कहा था। सब कुछ जानने के बाद पुलिस थर-थर कांप रही थी और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एक्सीडेंट का मामला दर्ज कर लिया। लेकिन मामला सोशल मीडिया की सुर्खियां बना तो विधायक प्रीतम लोधी भी जमीन पर आ गए। मामला ज्यादा तूल न पकड़े इसलिए खुद ही पुलिस से आग्रह कर अपने बेटे के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा। विधायक पुत्र का यह कोई पहला काण्ड नहीं है। इससे पहले उस पर रंगदारी मांगने के आरोप लग चुके हैं। दिनेश लोधी पर सत्ता का नशा ऐसा चढ़ा है कि उसने पुलिस वालों के सामने कह रहा था कि बाप हमारा विधायक है। वह मर्डर भी निपटा देगा। आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। लगता है भाजपा को ऐसे विधायक पुत्रों के लिए भी अलग से गाइड लाइन बनाना पड़ेगी।

अनुराग जैन के साथ कौन होगा रिटायर

मुख्य सचिव अनुराग जैन इस साल सितंबर में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उनकी योग्यता और अनुभव को देखते हुए उन्हें कुछ नया कार्य दिए जाने पर दिल्ली से भोपाल तक विचार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय तक अनुराग जैन को लेकर कई किस्म की चर्चाएं हैं। लेकिन अनुराग जैन मुख्य सचिव के पद के बाद कुछ पढ़ना और घूमना चाहते हैं। अनुराग जैन के कार्यकाल में मप्र में कुछ ऐसे बड़े कार्य हुए हैं, जो हमेशा याद किए जाएंगे। इस साल अब तक आईएएस स्मिता भारद्वाज सेवानिवृत्त हुई हैं। 2026 में अनुराग जैन के अलावा आईएएस अफसर अलका उपाध्याय, आशीष श्रीवास्तव, उमाकांत उमराव, अरुण गुप्ता, भाल सिंह, उर्मिला शुक्ला, ललित दाहिमा, सुरेश कुमार, चंद्रशेखर वालिम्बे, रविंद्र कुमार चौधरी, संजय कुमार मिश्रा, केदार सिंह और जीएस धुर्वे और संजय कुमार भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

 

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