विजया एकादशी 2026 महत्व

कब है विजया एकादशी? जानिए शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

विजया एकादशी पर आपकी किस्मत भी बदल सकती है। जान लीजिए कब मनाई जाएगी यह एकादशी और क्या है इसका महत्व?

By : सपना तंवर
कब है विजया एकादशी? जानिए शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत महत्व माना जाता है। साल में आने वाली सभी एकादशियों में विजया एकादशी सबसे खास मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन जो भक्त सच्चे मन से व्रत रखते हैं, उन्हें जीवन के हर काम में सफलता मिलती है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस खबर में हम आपके इसकी तिथि, पूजा विधि और महत्व बताएंगे।

विजया एकादशी का महत्व?

शास्त्रों में बताया गया है कि एकादशी व्रत करने से पापों का नाश होता है और मन को शांति मिलती है। विजया एकादशी का व्रत विशेष रूप से कठिन परिस्थितियों में विजय दिलाने वाला माना गया है। पद्म पुराण में भी एकादशी को बहुत पुण्य देने वाली तिथि बताया गया है। जानकारी के लिए आपको बता दें, साल भर में कुल 24 एकादशियां आती हैं। हर महीने दो एकादशी आती हैं। एक कृष्ण पृक्ष में और दुसरी शुक्ल पक्ष में। सभी एकादशियों का अपना अलग महत्व होता है, लेकिन विजया एकादशी को सफलता और जीत का प्रतीक माना जाता है।

कैसे करें विजया एकादशी व्रत?

चलिए अब जान लेते है कि विजया एकादशी का व्रत कैसे रखा जाएगा-

  • एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
  • पूजा के लिए एक साफ स्थान पर वेदी बनाएं। उस पर सात प्रकार के अनाज रखें और मिट्टी, तांबे, चांदी या सोने का कलश स्थापित करें। कलश में पत्ते (पंचपल्लव) रखें। इसके बाद भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
  • धूप, दीप, फूल, फल और तुलसी चढ़ाकर भगवान की पूजा करें। दिन भर उपवास रखें और भगवान विष्णु की कथा पढ़ें या सुनें। रात में भजन-कीर्तन करना भी शुभ माना जाता है।
  • अगले दिन यानी द्वादशी को ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान दें। इसके बाद व्रत का पारण करें।

विजया एकादशी 2026 तिथि और समय

भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, विजया एकादशी 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12:22 बजे से शुरू होगी। यह 13 फरवरी 2026 को दोपहर 2:25 बजे समाप्त होगी। व्रत का पारण 14 फरवरी 2026 को सुबह 7:00 बजे से 9:14 बजे के बीच किया जाएगा।

माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि विधान से व्रत करने से भगवनान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है। जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही, धन की वृद्धि होती है।   

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