इस साल के सावन में व्रत रखने जा रहे हो तो जान लीजिए की इस दौरान क्या खाया-पिया जाए। इससे व्रत में एनर्जी भी बनी रहे और पूजा के नियमों का भी पालन हो जाए।
इस साल 2026 में भगवान के सबसे प्रिय मास यानी सावन महीने की शुरूआत 30 जुलाई से हो रही है। ऐशे में सावन सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए सही खान-पान का चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। सात्विक और संतुलित आहार न सिर्फ पूरे दिन की ऊर्जा बनाए रखता है। साथ ही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत के नियमों का पालन भी सुरनिश्चित करता है।
दरअसल 3, अगस्त को सावन का पहला सोमवार का व्रत रखा जाएगा। वहीं, सावन महीने में बड़ी संख्या में शिव भक्त सावन का उपवास रखते हैं। यह व्रत सुख-समृद्धि, अच्छा स्वास्थ्य, वैवाहिक जीवन और मनोकामनाओं क पूर्ति के लिए रखा जाता है। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि व्रत के समय क्या खाना और किन भोज्य पदार्थों से बचना चाहिए।
फल-मेवे और दूध से मिलती है उर्जा
सावन सोमवार के व्रत वाले दिनों में फल सबसे अच्छे विकल्प के रूप में फल होते है। इसमें सेब,केला, पपीता, अनार और मौसमी फल शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देते हैं और पचने में भी आसान होते हैं। दूध, पनीर, और मखाने की खीर और बिना अधिक चीनी वाला साधारण मिल्कशेक भी लिया जा सकता है। यदि पारिवारिक परंपरा अनुमति देती है तो व्रत के दौरान इसका सेवन किया जा सकता है। चाय या कॉफी पीने वाले लोगों को इनका सेवन सीमित मात्रा में रखने की सलाह दी जाती है।
व्रत में साबूदाना और मखाना क्यों हैं सबसे अधिक प्रिय
व्रत के दौरान खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में सबसे अधिक लोकप्रिय साबूदाना हैं। साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा या साबूदाना की खीर बनाई जा सकती है। इसमें सामान्य नमक सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है। वहीं, घी में हल्का भूना हुआ मखाना भी अच्छा लगता है। यह एनर्जी के सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है, क्योंकि हल्का होने के चलते यह आसानी से पच जाता है। इतना ही नहीं लंबे समय तक भूख कम महसूस होने में मदद करता हैं।
आलू के अलावा इन आटों का भी उपयोग
व्रत के दौरान उबले आलू सेधा नमक के साथ या आलू जीरा या साधारण फलाहारी आलू की सब्जी बनाई जा सकती है। इसके अलावा कट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, राजगिरा, समा के चावल, सूखे मेवे, नारियल और मूंगफली भी व्रत के भोजनों का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि भोजन बनाते समय अधिक तेल या घी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
सावन व्रत में इन खाद्य पदार्थों से रखें दूरी
सावन का व्रत के दौरान चावल, गेहूं, दालें सामान्य नमक, प्याज, लहसुन,मांसाहारी भोजन और शराब का सेवन नहीं किया जाता। कई श्रद्धालु पूरे दिन किसी भी प्रकार का अनाज नहीं खाते। इसके अलावा तले स्नैक्स, अधिक मसालेदार भोजन, डिब्बाबंद या पैकेज बंद खाद्य पदार्थ और भारी मिठाईयों से भी बचने की सलाह दी जाती है। यह खाने के बाद शरीर की सुस्ती बढ़ा सकते हैं। इतना ही नहीं यह उपवास के उद्देश्य के विपरीत माने जाते हैं।
व्रत के दौरान ऐसा रखे डाइट चार्ट
व्रत के समय स्नान करने के बाद सुबह की शुरूआत फल, दूध या भूने हुए मखाने से कर सकते हैं। इसके बाद दोपहर में साबूदाना की खिचड़ी या आलू की सब्जी के साथ समा के चावल अच्छे विकल्प हो सकते हैं। शाम के समय केवल नारियल पानी या सूखे मेवे या सेंधा नमक के साथ फलों की चाट ट्राई की जा सकती है। पूजा करने के बाद ताजा सात्विक भोजन करना बेहतर माना जाता है। इससे व्रत के दौरान शरीर पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता है।