रामनवमी 2026 पर अयोध्या में भव्य रामोत्सव, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी उद्घाटन, श्रीराम यंत्र की स्थापना और श्रमिकों का सम्मान
भगवान श्रीराम के प्राकट्योत्सव रामनवमी के साथ ही अयोध्या एक बार फिर राष्ट्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनने जा रही है। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिवस से आरंभ होने वाला रामनवमी महोत्सव इस वर्ष विशेष गौरव के साथ मनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रामनवमी मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित किए जाने के बाद यह आयोजन अब केवल क्षेत्रीय उत्सव नहीं, बल्कि देशव्यापी श्रद्धा का प्रतीक बन चुका है।
रामोत्सव का भव्य उद्घाटन, राष्ट्रपति करेंगी विशेष पूजन
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में आयोजित होने वाला रामोत्सव निरंतर भव्यता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह पर्व भारतीय सनातन परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति बन गया है। इस वर्ष 19 मार्च, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रामोत्सव के उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अयोध्या आगमन ऐतिहासिक क्षण होगा। राष्ट्रपति द्वारा रामोत्सव के अनावरण के साथ ही इस महोत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
तीर्थ क्षेत्र के कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति राम मंदिर के द्वितीय तल पर स्थित राम नाम मंदिर में पूजन करेंगी तथा श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी। यह दिव्य श्रीराम यंत्र कांची कामकोटि पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी विजयेन्द्र सरस्वती के मार्गदर्शन में निर्मित कराया गया है। पिछले वर्ष स्वर्ण यंत्र को कांचीपुरम से शोभायात्रा के साथ अयोध्या लाया गया था। अब इसकी विधिवत स्थापना से राम मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा और अधिक सुदृढ़ होगी। इस अवसर पर कांची शंकराचार्य की उपस्थिति भी संभावित मानी जा रही है।
मंदिर निर्माण से जुड़े 400 श्रमिकों का होगा सम्मान
रामोत्सव के अंतर्गत 19 मार्च से आयोजित सम्मान समारोह में मंदिर निर्माण से जुड़े लगभग 400 श्रमिकों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने राष्ट्र के इस महापर्व में अपने श्रम से इतिहास रचा। समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। लगभग पांच हजार अतिथियों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें विभिन्न प्रांतों के प्रमुख कारसेवकों के परिजन भी सम्मिलित होंगे।
रामनवमी के इस महोत्सव के माध्यम से अयोध्या न केवल आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश भी पूरे विश्व को देगी। प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में अपना नाम दर्ज कराने को तत्पर है।