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राज पंचक की शुरुआत

आज से शुरू हुआ राज पंचक, 20 मार्च तक रहेगा प्रभाव; इन कामों में बरतें सावधानी

16 मार्च से लगने जा रहा है पंचक, जान लीजिए इस दौरान कौन से कार्य करने चाहिए और कौन से नहीं...........


आज से शुरू हुआ राज पंचक 20 मार्च तक रहेगा प्रभाव इन कामों में बरतें सावधानी

16 मार्च से पंचक लग रहा है, जिसका प्रभाव 20 मार्च तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते। लेकिन इस बार राज पंचक शुभ माना जा रहा है। जानें इस समय कौन से काम नहीं करने चाहिए और कौन से कार्य करना शुभ रहेगा।

सोमवार 16 मार्च को यानी आज शाम 6 बजकर 14 मिनट से पंचक की शुरुआत होगी और 20 मार्च को रात 2 बजकर 28 मिनट तक इसका प्रभाव रहेगा। इस साल पंचक सोमवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे राज पंचक कहा जाता है। धनिष्ठा नक्षत्र से आरंभ होकर रेवती नक्षत्र तक चलने वाला यह पांच दिनों का समय विशेष महत्व रखता है।

ज्योतिष मान्यताओं में सामान्य पंचक को सावधानी बरतने वाला समय माना जाता है, लेकिन जब पंचक की शुरुआत सोमवार से होती है तो इसे अपेक्षाकृत शुभ और फलदायी माना जाता है। राज पंचक को धन, प्रतिष्ठा और सफलता देने वाला समय भी माना जाता है।

इन कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है राज पंचक

  • सरकारी और प्रशासनिक कार्य: सरकारी नौकरी से जुड़े आवेदन, फाइलों का निपटारा या लंबे समय से अटके सरकारी कामों को आगे बढ़ाने के लिए यह समय अच्छा माना जाता है।
  • व्यापार और साझेदारी: कारोबार के विस्तार, नई डील या पार्टनरशिप शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी यह अवधि सकारात्मक मानी जाती है।
  • जमीन-जायदाद के काम: संपत्ति से जुड़े सौदे इस दौरान किए जा सकते हैं, हालांकि बड़े निवेश से पहले किसी जानकार ज्योतिषी से सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
  • पूजा-पाठ और साधना: सोमवार से शुरू होने के कारण यह समय भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। शिव और विष्णु की उपासना, मंत्र जाप और ध्यान करने से मानसिक शांति मिलने की मान्यता है।
  • दान-पुण्य: इस अवधि में जरूरतमंदों की मदद करना और दान करना शुभ फलदायी माना जाता है।

इन कामों से बचने की सलाह

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान कुछ कार्यों से दूरी रखना बेहतर माना जाता है।

  • घर के लिए नया फर्नीचर बनवाना या लकड़ी से जुड़े काम शुरू करने से बचें।
  • घर का निर्माण, खासकर नींव रखना या छत डालने जैसे काम टालना उचित माना जाता है।
  • किसी की मृत्यु होने पर पंचक काल में अंतिम संस्कार के समय विशेष शांति कर्म करने की परंपरा भी बताई गई है।
  • इन दिनों वाद-विवाद और नकारात्मकता से दूर रहने की भी सलाह दी जाती है।

ज्योतिष के अनुसार राज पंचक का समय संयम, सकारात्मक सोच और सही निर्णय लेने का माना जाता है। यदि इन दिनों में शुभ कार्यों के साथ सावधानी बरती जाए तो जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।

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