मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव ने पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा शुरू। भोपाल से ओरछा और चंदेरी के लिए सस्ती हवाई यात्रा, किराया 6500 तक तय। पर्यटन और धार्मिक यात्रा को बढ़ावा।
भोपाल: मध्यप्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा” की शुरुआत कर दी है। इस सेवा के शुरू होने के साथ ही अब भोपाल से ओरछा और चंदेरी का लंबा सफर मिनटों में पूरा किया जा सकेगा।
6500 में ओरछा, 5500 में चंदेरी की हवाई यात्रा
नई सेवा के तहत भोपाल से Orchha के लिए किराया लगभग 6500 तय किया गया है, जबकि Chanderi के लिए करीब 5500 लिया जाएगा। सरकार के अनुसार, वास्तविक लागत इससे कहीं अधिक है, लेकिन राज्य सरकार पर्यटन विभाग के जरिए सब्सिडी देकर यात्रियों को सस्ती सुविधा उपलब्ध करा रही है।
‘जॉय राइड’ और विशेष पैकेज भी उपलब्ध
पर्यटकों के लिए 3500 में ‘जॉय राइड’ की सुविधा भी दी जा रही है। वहीं, करीब 14500 के पैकेज में टैक्सी, वीआईपी दर्शन और प्रसाद जैसी एंड-टू-एंड सुविधाएं शामिल हैं। यह सेवा सप्ताह में पांच दिन बुधवार से रविवार तक संचालित होगी।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने सेवा की शुरुआत करते हुए कहा कि ओरछा में भगवान राम राजा के रूप में विराजमान हैं, इसलिए इस स्थान का विशेष महत्व है। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था और आधुनिक सुविधा का संगम बताया। उन्होंने कहा कि चंदेरी का संबंध भगवान कृष्ण की ऐतिहासिक घटनाओं से भी जुड़ा है, जिससे इन स्थलों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और बढ़ जाता है।
6 सीटों वाले हेलीकॉप्टर से होगी यात्रा
यह सेवा पीपीपी मॉडल पर संचालित की जा रही है, जिसमें 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग होगा। यात्रियों की सुरक्षा, गाइड, होटल और स्थानीय भ्रमण की व्यवस्था पहले से तय रहेगी। बुकिंग के लिए पर्यटक IRCTC और संबंधित पोर्टल के माध्यम से टिकट ले सकते हैं।
परशुराम जयंती पर सेवा का समर्पण
मुख्यमंत्री ने इस योजना को परशुराम जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहले ही एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने वाला अग्रणी राज्य बन चुका है और अब यह हेली पर्यटन सेवा भी नई पहचान बनाएगी।
पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम
राज्य सरकार का मानना है कि इस सेवा से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रदेश में पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। खासतौर पर धार्मिक और हेरिटेज पर्यटन के क्षेत्र में यह पहल गेमचेंजर साबित हो सकती है।