Breaking News
  • AAP के सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ी, बीजेपी में जाने की अटकलें तेज
  • इजरायल-लेबनान ने 3 हफ्ते के लिए बढ़ाया सीजफायर: ट्रंप
  • न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री की घोषणा, भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट सोमवार को होगा साइन
  • IIIT ऊना के 6 छात्रों को 50-50 लाख का अमेजन का जॉब ऑफर, स्टडी के दौरान चयन
  • भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए हवाई क्षेत्र का बैन 24 मई तक बढ़ाया
  • यूपी के प्रयागराज, महाराष्ट्र के अमरावती में तापमान 44°C पार: ओडिशा के 4 जिलों में स्कूल बंद
  • CM के सामने बदले विधायक लोधी के सुर,कहा-गलती हो गई, आगे शब्दों का ध्यान रखूंगा
  • मध्य प्रदेशः रामलाल रौतेल ST, कैलाश जाटव SC आयोग के अध्यक्ष बने
  • MP के भोपाल, जबलपुर-उज्जैन समेत 11 जिलों में लू का अलर्ट, नर्मदापुरम में स्कूलों की छुट्‌टी

होम > धर्म

Maa Baglamukhi Special Story

मां बगलामुखी अवतरण दिवस: संकट हरने वाली देवी मां बगलामुखी, आस्था या अद्भुत शक्ति?

मां बगलामुखी के अवतरण दिवस पर जानिए उनकी साधना, मंत्र और आस्था से जुड़े विश्वास, कैसे भक्त मानते हैं कि मां संकट दूर करती हैं। Swadesh News


मां बगलामुखी अवतरण दिवस संकट हरने वाली देवी मां बगलामुखी आस्था या अद्भुत शक्ति

दतियाः शहर में इन दिनों आस्था का एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है, वजह है मां बगलामुखी का अवतरण दिवस। मंदिरों में भीड़ है, पीले वस्त्र, हल्दी की खुशबू और मंत्रोच्चार, सब कुछ एक साथ… कुछ लोगों के लिए ये सिर्फ परंपरा है, तो कुछ के लिए जीवन का सहारा भी। कहते हैं, जब हालात बिगड़ते हैं और रास्ते बंद दिखते हैं, तब भक्त मां बगलामुखी की शरण में जाते हैं। ये विश्वास कितना गहरा है, इसका अंदाज़ा भीड़ देखकर ही लगाया जा सकता है।

मां बगलामुखी क्यों मानी जाती हैं शत्रु नाशिनी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां बगलामुखी को “शत्रु नाशिनी” कहा जाता है। यानी जो बुराई, विरोध या संकट है, उसे रोकने वाली शक्ति। ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि मां ने असुरों के अत्याचार से दुनिया को बचाया था। मां अपने भक्तों की शस्त्रुओं से रक्षा करती है, शहर के एक साधक मनोज गोस्वामी बताते हैं, “मां की साधना आसान नहीं है, लेकिन जो करता है उसे वो मिलता है जिसकी कल्आपना भी नहीं की जा सकती, और शायद यही सबसे बड़ी शक्ति है।” 

मंत्र और साधना, कितना असर?

मां बगलामुखी से जुड़े मंत्रों को लेकर कहा जाता है कि नियमित जाप से मानसिक स्थिरता मिलती है, और विरोधियों से राहत भी…  कुछ लोग बताते हैं कि विशेष अनुष्ठान, जैसे हल्दी से हवन या पीले वस्त्र धारण करना, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। वहीं कुछ लोगनियमित मां के दरबार में जप के लिए आते हैं।

देश में मां के मंदिर कम ही है मध्य प्रदेश में भी दतिया और आगर जिले के नलखेड़ा मे कुल दो मंदिर हैं इन दोनों जगह ही सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं। महिलाएं पीली साड़ी में, पुरुष माथे पर तिलक लगाए, हाथों में पूजा की थाली…  मां की भक्ति जयकारें सुनाई दे रहे। एक श्रद्धालु ने कहा, “हम हर साल आते हैं, मां से बस यही मांगते हैं कि परिवार सुरक्षित रहे।” दूसरे ने कहा, “आज के समय में शांति मिल जाए वही बहुत है, बाकी तो मां पर छोड़ दिया।”

मां बगलामुखी की आराधना को लेकर लोगों में गहरी आस्था है और ऐसे अवसर भक्तों को जोड़ते हैं, एक उम्मीद देते हैं, और शायद यही वजह है कि हर साल ये भीड़ बढ़ती जा रही है।

Related to this topic: