चैत्र नवरात्रि में कब मनाई जाएगी नवरात्रि, क्या आप भी इसकी डेट को लेकर कंफ्यूज़ हैं कि यह 25 मार्च को है या 26 मार्च को?
हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दौरान नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है और भक्त व्रत रखकर देवी की आराधना करते हैं। मान्यता है कि चैत्र नवरात्रि से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत हुई थी।
इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक रहेंगी। इस दौरान सभी जगह मां दुर्गा की पूजा, उपवास और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। नवरात्रि के आठवें और नौवें दिन को सबसे अधिक पवित्र माना जाता है, जिन्हें अष्टमी और नवमी कहा जाता है। लेकिन क्या आप महाअष्टमी की डेट को लेकर कंफ्यूज़ हैं कि यह 25 मार्च को है या फिर 26 मार्च को। तो परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि इस आर्टिकल में हम आपको इसकी सही डेट और शुभ मुहूर्त के बारे में बताएंगे।
2026 में महाअष्टमी कब है
नवरात्रि में महाअष्टमी सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन इस साल लोगों में कंफ्यूज़ है कि यह 25 मार्च को है या 26 मार्च को। तो आपको बता दें, महाअष्टमी 25 मार्च को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। पंचांग के अनुसार सभी त्यौहार उदय तिथि में मनाए जाते हैं। इसलिए 26 मार्च को महाअष्टमी मनाई जाएगी और आप इस दिन कन्या पूजन भी कर सकते हैं। चलिए अब इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त भी जान लेते हैं।
पूजा के लिए शुभ समय
अष्टमी के दिन पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त बताए गए हैं-
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सुबह का मुहूर्त: 6:20 बजे से 7:52 बजे तक
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दोपहर का मुहूर्त: 10:56 बजे से 2:01 बजे तक
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शाम का मुहूर्त: 5:06 बजे से 9:33 बजे तक
इन समयों में देवी की आराधना करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
अष्टमी का धार्मिक महत्व
नवरात्रि की अष्टमी तिथि को देवी दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का विशेष दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा और नियम से पूजा करने पर घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। अष्टमी के दिन कन्या पूजन की परंपरा भी प्रचलित है। इसमें छोटी बच्चियों को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है और उन्हें भोजन व उपहार दिए जाते हैं।
मां महागौरी की पूजा
नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार उनकी आराधना से जीवन में शांति, सौभाग्य और सकारात्मकता आती है। कहा जाता है कि मां महागौरी की पूजा करने से अविवाहित लड़कियों को योग्य जीवनसाथी और विवाहित महिलाओं को सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है।