चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होने को जा रही है और 27 मार्च को समाप्त हो जाएगी। इसलिए आप भी आज से ही ये जरूरी काम करना शुरू कर दीजिए, नहीं तो बाद में परेशानी हो सकती है।
19 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है। माना जाता है कि नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा बनी रहती है। इसलिए आप भी नवरात्रि से सभी तैयारी पूरी कर लीजिए, नहीं तो बाद में परेशानी हो सकती है।
त्यौहार आते ही घर में बहुत से काम शुरू हो जाते हैं। बहुत बार ऐसा भी होता है कि लास्ट टाइम पर बहुत से काम बिगड़ जाते हैं या फिर छुट जाते हैं। इसलिए आप भी नवरात्रि से पहले घर की तैयारी कर लें। आइए जान लें कि कौन सी तैयारी अभी से शुरू कर लेनी चाहिए।

पहले से शुरू करें मंदिर की सफाई
अक्सर लोग नवरात्रि के पहले दिन ही घर के मंदिर की सफाई करते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्योहार से कम से कम तीन दिन पहले पूजा स्थान की नियमित सफाई शुरू कर देना उचित माना जाता है। इससे घट स्थापना के दिन पूजा स्थल पूरी तरह पवित्र और व्यवस्थित रहता है।

पूजा सामग्री पहले ही जुटा लें
नवरात्रि के लिए जरूरी सामग्री जैसे पूजा की चौकी, लाल या पीला कपड़ा, कलश, नारियल, रोली, मौली, चावल, लौंग, इलायची, कपूर, घी का दीपक, अगरबत्ती, माता की चुनरी, फल और प्रसाद पहले ही घर ले आएं। इससे अंतिम समय में भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही मन ही मन यह भी तय कर लें कि पूरे नौ दिनों तक व्रत, पूजा और दिनचर्या किस प्रकार रखनी है। यदि कोई विशेष नियम या उपाय करना चाहते हैं तो उसकी तैयारी भी पहले से कर लें। इस दौरान क्रोध, विवाद और तामसिक प्रवृत्तियों से दूरी बनाना भी शुभ माना जाता है।

17 मार्च: नियम और सामग्री तय करने का दिन
यदि आप घटस्थापना करने वाले हैं तो जौ, मिट्टी का पात्र, स्वच्छ मिट्टी और शुद्ध जल की व्यवस्था कर लें। माता दुर्गा की फोटो या प्रतिमा, दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या आरती की पुस्तक भी तैयार रखें। इसके अलावा यह भी तय कर लें कि सुबह-शाम आरती का समय क्या होगा, अखंड ज्योति रखनी है या केवल पूजा के समय दीपक जलाना है।

18 मार्च: अंतिम तैयारियां पूरी करें
नवरात्रि शुरू होने से एक दिन पहले यानी 18 मार्च को पूजा स्थान पूरी तरह सजा लें। कलश, जौ बोने का पात्र, नारियल और चुनरी एक स्थान पर व्यवस्थित रख दें। जो लोग उपवास करने वाले हैं, उन्हें 18 मार्च की रात से हल्का और सात्विक भोजन लेना चाहिए। कई लोग इस दिन जल्दी सो जाते हैं ताकि अगले दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान और घटस्थापना की तैयारी कर सकें।

इन तीन दिनों में क्या करना शुभ माना जाता है
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घर और मन की शुद्धि पर ध्यान देना
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माता के मंत्र या “या देवी सर्वभूतेषु” का जाप करना
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दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू करना
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जरूरतमंद लोगों को दान देना
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सात्विक जीवनशैली अपनाना और संयम रखना
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व्रत के नियम पहले से तय करना

इन बातों से बचना चाहिए
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पूजा की सामग्री अंतिम समय पर खरीदने से बचें
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घर के मंदिर को अव्यवस्थित न रखें
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तामसिक भोजन या नशे से दूर रहें
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नवरात्रि को केवल रस्म के रूप में न मनाएं, बल्कि श्रद्धा और अनुशासन के साथ पूजा करें
नवरात्रि केवल पूजा-पाठ का पर्व ही नहीं बल्कि मन, विचार और जीवनशैली को शुद्ध करने का अवसर भी माना जाता है। यदि पहले से तैयारी कर ली जाए तो पूरे नौ दिनों तक भक्तिभाव के साथ पूजा करना आसान हो जाता है।