मध्यप्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का सियासी पारा गर्म हो गया है।
Datia By-Election: मध्यप्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का सियासी पारा गर्म हो गया है। हाल ही में राज्यसभा चुनाव में एक सीट गंवाने के बाद अब कांग्रेस पार्टी के सामने दतिया उपचुनाव में एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह पर अपनी वास्तविक चल-अचल संपत्ति की जानकारी छिपाने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसने कांग्रेस की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
लगे ये बड़े आरोप
मीडिया की खबरों के अनुसार यह आरोप किसी और ने नहीं, बल्कि दतिया राज परिवार के महाराज गोविंद राहुल देव सिंह ने कांग्रेस उम्मीदवार पर लगाया है। उनका दावा है कि प्रत्याशी ने निर्वाचन आयोग को सौंपे गए हलफनामे में अपनी करोड़ों की संपत्ति का वास्तविक ब्यौरा जानबूझकर छिपाया है।
चुनाव आयोग को सौंपे दस्तावेज
महाराज गोविंद राहुल देव सिंह ने मामले में जुबानी आरोप नहीं लगाए हैं, बल्कि सबूत भी पेश किए हैं। उन्होंने कुंवर घनश्याम सिंह के नामांकन पत्र और कोर्ट में लंबे समय से लंबित पड़े संपत्ति विवाद से जुड़े कई कानूनी दस्तावेज जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपे हैं। राज परिवार ने दस्तावेजों के आधार पर चुनाव आयोग से मामले की जांच कराने की मांग की है।
बंटवारे से जुड़ा है विवाद
बताया जा रहा है कि कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, पूरा विवाद दतिया राज परिवार की शाही रियासत, बेसकीमती जमीनों और पुश्तैनी संपत्ति के बंटवारे से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि कांग्रेस प्रत्याशी ने विवादित संपत्ति में अपने हिस्से के विवरण को छिपाकर चुनाव आयोग को गुमराह करने की कोशिश की है।
क्या नामांकन होगा रद्द?
जिला निर्वाचन आयोग को सौंपे दस्तावेजों के बाद से सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है। चर्चा है कि क्या कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह का नामांकन रद्द होगा? यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमों के तहत नामांकन रद्द भी हो सकता है।, जो कांग्रेस पार्टी के लिए चुनाव से पहले बड़ा झटका साबित हो सकता है।
दतिया उपचुनाव का गणित
आपको बता दें कि 16 जुलाई को नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद अब मैदान पूरी तरह साफ हो चुका है। उपचुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच होने जा रहा है। दतिया उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला 3 अगस्त को होने वाली मतगणना के बाद ही होगा। अब फिलहाल मामले को लेकर सभी की नजरे जिला निर्वाचन अधिकारी पर टीकी हुई है।