Who Is Saurabh Chandrakar Mahadev App Accused

Mahadev Betting App Case: भिलाई का जूस वाला का 5000 करोड़ के सट्टे का साम्राज्य; सौरभ चंद्राकर की कहानी

महादेव सट्टा एप केस के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है। सीबीआई उसे आज रायपुर लाकर स्पेशल कोर्ट में पेश करेगी। जानिए जूस दुकान से 5000 करोड़ तक साम्राज्य बनाने की कहानी।

By : संजय चतुर्वेदी
Mahadev Betting App Case: भिलाई का जूस वाला का 5000 करोड़ के सट्टे का साम्राज्य; सौरभ चंद्राकर की कहानी

Mahadev Betting APP Custody

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव सट्टा एप केस में बड़ी हलचल है। मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को सीबीआई मंगलवार को रायपुर लेकर आएगी। दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने जांच एजेंसी को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी है। दोपहर या शाम तक उसे रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा। यहां सीबीआई आगे की पूछताछ के लिए उसकी रिमांड मांग सकती है।

दिल्ली की अदालत से मिली दो दिन की रिमांड

सीबीआई ने सौरभ चंद्राकर को रायपुर ले जाने के लिए दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दी थी। अदालत ने एजेंसी की दलीलें सुनने  के बाद दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी। रायपुर पहुंचने के बाद एजेंसी उससे केस के अलग अलग पहलुओं पर पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि इस सुनवाई में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। इसी वजह से छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई है। चर्चा है कि इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े कई और चेहरे सामने आ सकते हैं।

भूपेश सरकार में शुरू हुई थी जांच

इस मामले की जांच अक्टूबर 2022 में कांग्रेस की भूपेश सरकार के समय ईडी ने शुरू की थी। दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर में पुलिस ने पहली बार एफआईआर दर्ज की थी। इन्हीं मामलों के आधार पर ईञढी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। राज्य में पांच साल तक सीबीआई पर रोक रही थी। दिसंबर 2023 में सत्ता बदली तो बीजेपी सरकार ने यह रोक हटा दी। इसके बाद छत्तीसगढ़ में सीबीआई की एंट्री हुई। एजेंसी ने सीजीपीएससी 2021 भर्ती में गड़बड़ी और बिरनपुर हिंसा के साथ महादेव एप घोटाले की जांच भी अपने हाथ में ली। फरार चल रहे सौरभ चंद्राकर की फाइल खोलकर सीबीआई ने जांच शुरू की।

जूस की दुकान से 5000 करोड़ के नेटवर्क तक

सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे। वह पहले कपड़े की दुकान में काम करता था। फिर भिलाई में जूस फैक्ट्री नाम से अपनी दुकान चलाने लगा। साल 2017 में उसने ऑनलाइन सट्टे का कारोबार शुरू किया। फिर साल 2019 में दुबई चला गया। वहां उसने कारोबार को तेजी से फैलाया और अपने दोस्त रवि उप्पल को भी बुला लिया। दोनों ने मिलकर महादेव एप लॉन्च किया।

सीबीआई के मुताबिक यह देस का सबसे बड़ा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क था। यह विदेश से चलाया जा रहा था। आरोप है कि 2021 के आईपीएल के दौरान इस नेटवर्क पर 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा का सट्टा चला। सौरभ पर करीब 5000 करोड़ रुपये के नेटवर्क से जुड़े आरोप हैं और वह 2019 से फरार था। ईडी ने अब तक इस मामले में 4336 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है।

फ्रेंचाइजी मॉडल और यूजर्स के साथ खेल

एप पर पोकर, कार्ड गेम और चांस गेम के नाम पर लाइव गेम खेले जाते थे। इसकी आड़ में क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल और चुनावों पर भी अवैध सट्टा लगता था। सौरभ और रवि उप्पल एप की अलग अलग ब्रांच फ्रेंचाइजी के तौर पर बेचते थे। वहीं, इसका पूरा संचालन दुबई से होता था। यूजर को शुरुआत में फायद दिखता था, बाद में नुकसान दिखता था। फायदे का 80 प्रतिशत हिस्सा दोनों प्रमोटर अपने पास रखते थे। नेटवर्क इस तरह बना था कि सिर्फ 30 प्रतिशत यूजर जीतें और बाकी हार जाएं। सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले थे। कमाई का पैसा हवाला के जरिए होटल करोबार और फिल्मों में लगाया गया।

बॉलीवुड कनेक्शन और दुबई की 200 करोड़ वाली शादी

काली कमाई फिल्मों और होटल कारोबार में लगाने के दौरान रवि और सौरभ की जान पहचान बॉलीवुड हस्तियों से हो गई। इसके बाद सौरभ ने दुबई में आलीशान शादी की। एजेंसी के मुताबिक उसने शादी में परफॉर्म करने के लिए कई बॉलीवुड सितारों को बुलाया और उन्हें नागपुर से दुबई ले जाने के लिए कई प्राइवेट जेट किराये पर लिए। रिश्तेदारों को भारत से लाने के लिए भी निजी विमान लगाए गए। मीडिया रिपोर्ट्स में शादी पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है।

डिजिटल भुगतान की जांच में सामने आया कि इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आर 1 इवेंट्स को अकेले 112 करोड़ रुपये हवाला के जरिए दिए गए। वहीं, 42 करोड़ रुपये की होटल बुकिंग नकद में की गई। ईडी ने इस मामले में रणबीर कपूर, श्रद्धा कपूर, कपिल शर्मा, हिना खान और हुमा कुरैशी को पूछताछ के लिए बुलाया था। रणबीर कपूर पर अवैध तरीके से पैसे बनाने का आरोप भी लगा है। इस पर ईडी कार्रवाई कर चुकी है।

रवि उप्पल की तलाश अब भी जारी

जांच एजेंसियों सौरभ को भारत लाने की कोशिश काफी समय से कर रही थीं। इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर यूएई के अधिकारियों ने अक्टूबर 2024 में उसे कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था और हाउस अरेस्ट में रखा था। भारत ने उसी महीने प्रत्यर्पण का आधिकारिक अनुरोध भेजा। लेकिन उस पर आगे की कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच सह संस्थापक रवि उप्पल यूएई से फरार  हो गया। खाड़ी देश के अधिकारियों ने उसके खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्रवाई रोकने का फैसला किया था। इसकी खबर 4 नवंबर 2025 को सामने आई थी। रवि उप्पल की मौजूदा लोकेशन का अब तक पता नहीं चल सका है।

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