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Vrindavan Bans Double Decker Boats After Accident

वृंदावन में नाव हादसे के बाद सख्ती, यमुना में डबल डेकर मोटरबोट पर पूरी तरह प्रतिबंध

वृंदावन में यमुना नदी में हुए नाव हादसे के बाद प्रशासन ने डबल डेकर मोटरबोट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। अब इनका संचालन और पंजीकरण दोनों बंद रहेगा।


वृंदावन में नाव हादसे के बाद सख्ती यमुना में डबल डेकर मोटरबोट पर पूरी तरह प्रतिबंध

वृंदावन। यमुना नदी में हाल ही में हुए नाव हादसे के बाद प्रशासन ने सबक लेते हुए सख्त कदम उठाया है। इसके तहत अब नदी में डबल डेकर मोटरबोट के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब ऐसी नावें न तो नदी में चल सकेंगी और न ही उनका पंजीकरण किया जाएगा।

सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त निर्देश

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन नावों या मोटरबोटों के मूल स्वरूप में बदलाव किया गया है। उनका किसी भी स्थिति में रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

जुगाड़ से बनाई गई नावों पर रोक

जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में स्थानीय स्तर पर तैयार की गई मोटरबोटों में कई ऑपरेटरों ने बदलाव कर उन्हें डबल डेकर बना दिया था। इससे नावों की क्षमता और संतुलन प्रभावित हुआ, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया।

पारंपरिक नावों से मोटरबोट तक का बदलाव

एक समय था जब यमुना नदी में निषाद समाज के लोग पारंपरिक नाव चलाकर अपनी जीविका चलाते थे। लेकिन समय के साथ मोटरबोट और स्टीमर ने उनकी जगह ले ली, जिनमें सुरक्षा मानकों का पालन अक्सर नहीं किया गया। अब तक इन मोटरबोटों का संचालन बिना किसी सख्त निगरानी के किया जा रहा था। हालांकि हालिया हादसे के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और घाटों पर सख्ती बढ़ा दी गई है।

घाटों पर दिखा प्रशासनिक असर

विश्राम घाट सहित कई स्थानों पर अब मोटरबोट की संख्या सीमित हो गई है। अधिकांश नावें किनारे खड़ी दिखाई दीं, जिससे साफ है कि प्रशासनिक कार्रवाई का असर दिखने लगा है।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है।

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