सीहोर स्थित VIT यूनिवर्सिटी में 200 से अधिक छात्र बीमार। तेज बुखार और टाइफाइड की आशंका, पानी-भोजन के सैंपल जांच में। प्रशासन सख्त, जांच जारी।
वीआईटी यूनिवर्सिटी में एक बार फिर 200 से अधिक विद्यार्थियों के बीमार होने की जानकारी सामने आई है। अधिकांश छात्र तेज बुखार से पीड़ित हैं, जिन्हें स्थानीय एवं भोपाल के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वर्ष 2025 बैच के विद्यार्थियों को आगामी आदेश तक अवकाश पर भेज दिया गया है।
मामले की जानकारी मिलते ही बुधवार को स्वास्थ्य, खाद्य और पीएचई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान खाद्य सामग्री के 4, पानी के 7 और एक दर्जन विद्यार्थियों के रक्त नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।विगत दिनों भोपाल के एक निजी अस्पताल में भेजे गए जांच नमूनों में विद्यार्थियों में टाइफाइड की पुष्टि हुई है। पिछले 10 दिनों के भीतर कैंपस में रहने वाले 200 से अधिक छात्र तेज बुखार और संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। यूनिवर्सिटी कैंपस में रहने वाले विद्यार्थियों में टाइफाइड का भय स्पष्ट नजर आ रहा है।
बीते साल भी हो गए थे छात्र बीमार
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में दूषित पानी और भोजन के कारण कई विद्यार्थी बीमार हो गए थे। इसके चलते विद्यार्थियों में रोष फैल गया था और रात में छात्रों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए यूनिवर्सिटी कैंपस में तोड़फोड़ की तथा वाहनों में आग लगा दी थी।एक निजी मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी रिपोर्ट के अनुसार, जांच के लिए भेजे गए 57 सैंपल में से 23 छात्रों में साल्मोनेला टाइफी (टाइफाइड का बैक्टीरिया) पॉजिटिव पाया गया है, जबकि 34 छात्रों की रिपोर्ट अभी आना बाकी है।इधर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार के.के. नायर के अनुसार टाइफाइड की खबरें महज अफवाह हैं और केवल 80 छात्रों को वायरल संक्रमण हुआ था, जिनका उपचार कराया जा रहा है। वहीं अन्य विद्यार्थियों का भी नियमित चेकअप कराया जा रहा है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह सचेत है।
वीआईटी यूनिवर्सिटी में पहुंचा प्रशासन
बढ़ती गर्मी और कुछ छात्र-छात्राओं के बीमार पड़ने की घटनाओं को देखते हुए वीआईटी यूनिवर्सिटी, कोठरी में प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच दो दिन पहले ही उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई थी।बैठक में एसडीओपी आष्टा दामोदर गुप्ता, थाना प्रभारी आष्टा और तहसीलदार पगारे प्रशासन की ओर से मौजूद रहे, जबकि विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से कुलपति डॉ. टीबी श्रीधरन, रजिस्ट्रार के.के. नायर, असिस्टेंट रजिस्ट्रार नेहा चौबे और हॉस्टल चीफ वार्डन जस्टिन उपस्थित थे।
प्रशासन ने हाल में कुछ छात्रों के बीमार होने की सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधन को बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए थे। बढ़ती गर्मी को देखते हुए परिसर में ठंडे पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था और अन्य राहतकारी उपायों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा है कि छात्रों के खाने की गुणवत्ता और पानी की सप्लाई में सुधार किया जाए, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।