सरयू नदी की बेकाबू धार शिवपुर क्षेत्र में ताण्डव मचा रही है। बौंडी, तिगड़ा, अंबरपुर और चौकसाहार गांवों में तेज कटान से हर घंटे हालात बिगड़ रहे हैं।
अनुराग गुप्ता,बहराइच: सरयू नदी की बेकाबू धार शिवपुर क्षेत्र में ताण्डव मचा रही है। बौंडी, तिगड़ा, अंबरपुर और चौकसाहार गांवों में तेज कटान से हर घंटे हालात बिगड़ रहे हैं। दर्जनों बीघा उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है। कई परिवार बेघर हो गए हैं, जबकि कई मकान अब भी कटान के मुहाने पर खड़े हैं।
ग्रामीण खुद तोड़ रहे अपने घर
हालात इतने भयावह हैं कि ग्रामीण वर्षों की मेहनत से बनाए अपने ही घरों को खुद हथौड़े से तोड़ रहे हैं, ताकि ईंट, दरवाजे और अन्य सामान बचाया जा सके। ढहते मकानों की आवाज और नदी की गर्जना से यहां के निवासियों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण विनोद, राधेश्याम, जमील, नानबाबू और रामावती का आरोप है कि समय रहते प्रभावी कटानरोधी कार्य नहीं कराए गए। अब खेती के साथ घर भी उजड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए नाव उपलब्ध कराने और युद्धस्तर पर बचाव कार्य अविलम्ब शुरू कराये जाने की मांग की है।
आजीविका लील रही नदी
क्षेत्रीय लेखपाल राजकुमार ने बताया कि चौकसाहार में एक पटवारी का मकान कटान में समा गया है। चार-पांच अन्य मकान भी नदी के किनारे खतरे में हैं और कभी भी ढह सकते हैं। जलस्तर में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन कटान का खतरा बरकरार है। सरयू की तेज धारा किसानों की आजीविका लील रही है। उपजाऊ खेत नदी में समाने से सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों की प्रशासन से अपील
ग्रामीणों का कहना है कि केवल राहत नहीं, बल्कि तत्काल और प्रभावी कटानरोधी कार्य ही इस तबाही से कुछ राहत दे सकते हैं। फिलहाल सरयू की यह तबाही केवल घर नहीं, बल्कि किसानों का भविष्य भी बहा ले जा रही है। उपजाऊ खेत नदी में समाने से सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल और स्थायी कटानरोधी कार्रवाई ही उन्हें बचा सकती है।