राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन किए। नंदी हाल से पूजा-अर्चना कर मंदिर व्यवस्था की सराहना की।
उज्जैन। बुधवार सुबह करीब 10 बजे राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया उज्जैन पहुंचीं। सीधे महाकाल मंदिर का रुख किया। मंदिर परिसर में हलचल बढ़ गई, लेकिन माहौल श्रद्धा से भरा था। उन्होंने नंदी हाल से भगवान महाकाल के दर्शन किए और कुछ देर ध्यान लगाकर आशीर्वाद लिया। चेहरे पर वही शांत भाव, जैसे कोई भक्त अपने आराध्य के सामने खड़ा हो।
नंदी हाल से दर्शन, जल अर्पित किया
Vasundhara Raje ने Mahakaleshwar Jyotirlinga में विधि-विधान से पूजा की। नंदी हाल में नंदी महाराज का पूजन कर बाबा महाकाल को जल अर्पित किया। इसके बाद भगवान श्री वीरभद्र जी के दर्शन किए और श्री महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह में निकलने वाले ध्वज का भी पूजन किया। मंदिर के गर्भगृह की ओर जाते समय श्रद्धालु उन्हें देखते रहे, कुछ ने हाथ जोड़कर अभिवादन भी किया। राजे ने भी मुस्कुराकर अभिवादन स्वीकार किया।
मंदिर व्यवस्था की तारीफ
दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना की। कहा कि अब भक्तों को सुलभ और व्यवस्थित दर्शन मिल रहे हैं। उन्होंने कहा राजस्थान से बड़ी संख्या में लोग महाकाल के दर्शन के लिए आते हैं। भगवान महाकाल का आशीर्वाद हम सब पर बना रहता है। सुख हो या दुख, हम भगवान शिव के पास ही आते हैं। उनकी बात में एक सादगी थी, कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं।
मंदिर समिति ने किया स्वागत
मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल और प्रतीक द्विवेदी ने उनका स्वागत और सत्कार किया। पारंपरिक तरीके से अभिनंदन हुआ, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। सुबह की आरती के बाद का समय था, इसलिए भीड़ नियंत्रित थी। फिर भी जैसे ही खबर फैली कि पूर्व मुख्यमंत्री आई हैं, मंदिर परिसर में हलचल बढ़ गई। उज्जैन में महाकाल के दरबार में देशभर से नेता और श्रद्धालु आते रहते हैं, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी दर्शन का दृश्य कुछ अलग ही था।