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Varanasi Nagar Nigam

Varanasi Nagar Nigam: चार घंटे के अंदर शिकायत निस्तारण करने वाला सूबे का पहला नगर निगम बना वाराणसी

नगर निगम द्वारा शुरू किए गए त्वरित-समाधान स्मार्ट पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले दिन मंगलवार को वाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से कुल 17 शिकायतें प्राप्त हुईं।


varanasi nagar nigam चार घंटे के अंदर शिकायत निस्तारण करने वाला सूबे का पहला नगर निगम बना वाराणसी

Varanasi Nagar Nigam: चार घंटे के अंदर शिकायत निस्तारण करने वाला सूबे का पहला नगर निगम बना वाराणसी |

वीरसिंह,वाराणसी: नगर निगम द्वारा शुरू किए गए त्वरित-समाधान स्मार्ट पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले दिन मंगलवार को वाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से कुल 17 शिकायतें प्राप्त हुईं। त्वरित कार्यप्रणाली और जियो-टैग्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के आधार पर संबंधित अधिकारियों ने तय समय सीमा यानी महज चार घंटे के भीतर सभी 17 समस्याओं का शत-प्रतिशत निस्तारण कर दिया।

शुरू किया त्वरित-समाधान स्मार्ट पायलट प्रोजेक्ट

इस प्रकार महापौर अशोक कुमार तिवारी के निर्देश पर शहर की बुनियादी समस्याओं के त्वरित व समयबद्ध निस्तारण के लिए शुरू किए गए त्वरित-समाधान स्मार्ट पायलट प्रोजेक्ट का असर पहले ही दिन धरातल पर नजर आया। वहीं वाराणसी शिकायत दर्ज होने के चार घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित करने वाला प्रदेश का पहला नगर निगम बन गया है। निगम की इस इस महत्वाकांक्षी अभियान व अनूठी पहल की शहरवासियों द्वारा काफी सराहना की जा रही है। अभियान के तहत सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक की विंडो के दौरान नागरिकों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। 

​स्वास्थ्य और आलोक विभाग से जुड़ी रहीं सर्वाधिक समस्याएं

​अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा के मुताबिक पहले दिन स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी सर्वाधिक छ्ह शिकायतें मिलीं, जिनमें पांच सामान्य सफाई व कूड़ा उठाने और एक डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से संबंधित थी। वहीं आलोक (लाइट) विभाग से जुड़ी पांच शिकायतें आईं, जिनमें स्ट्रीट लाइट के समय से जलने-बुझने की तीन और खंभों में करंट उतरने की दो शिकायतें शामिल रहीं।  ​इसके अलावा सामान्य अभियांत्रिकी विभाग से जलभराव की दो और खुले नाले की बैरिकेडिंग की एक (कुल 3) शिकायत दर्ज हुई। जलकल विभाग से 100 एमएम तक की पाइपलाइन में लीकेज मरम्मत की दो तथा पशु विभाग से सार्वजनिक स्थल से मृत पशु हटाने की एक शिकायत प्राप्त हुई। पहले दिन उद्यान विभाग से जुड़ी कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई। 

सिगरा, ईश्वरगंगी, नागवा और हनुमान फाटक क्षेत्र रहे आगे

​गंगा तटवर्ती 25 चयनित वार्डों में से सिगरा (वार्ड 53), ईश्वरगंगी (वार्ड 73), नागवा (वार्ड 22) और हनुमान फाटक (वार्ड 67) से दो-दो शिकायतें दर्ज की गईं। इसके अलावा मध्यमेश्वर, बिंदुमाधव, बलुआबीर, शिवाला, प्रह्लादघाट, गोलादीनानाथ, दशाश्वमेध, जंगमबाड़ी और कालभैरव वार्डों से भी नागरिकों ने समस्याएं भेजीं। निगम की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर समाधान किया और जीपीएस-टैग्ड फोटो अपलोड कर शिकायतों को क्लोज किया। 

​स्वचालित प्रणाली से घर बैठे मिल रही राहत

​महापौर ने बताया कि प्रथम चरण में गंगा तटवर्ती चार ज़ोन (आदमपुर, भेलूपुर, दशाश्वमेध और कोतवाली) के 25 वार्डों को शामिल किया गया है। नागरिक वाट्सएप नंबर 8601872601 पर हाय (Hi) लिखकर लाइव लोकेशन व फोटो अपलोड करते हैं, जो सीधे संबंधित क्षेत्र के अधिकारी के मोबाइल एप पर पहुंच जाती है। ​इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी मॉनिटरिंग के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में आईटी एक्सपर्ट, डाटा एनालिस्ट और 7 ऑपरेटरों की टीम तैनात की गई है। किसी भी अन्य सहायता के लिए नागरिक हेल्पडेस्क नंबर 0542-2720005 पर संपर्क कर सकते हैं।