Breaking News
  • स्वदेश के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं।
  • YouTube: @SwadeshNews, Facebook: @DainikSwadesh, Instagram: @swadesh_news1, X: @DainikSwadesh

होम > प्रदेश > मध्य प्रदेश

Mobile Use Affects Kids Eyes

Mobile Affect kids EYE: मोबाइल से कमजोर हुई बच्चों की नजर, 5297 को चश्मे की जरूरत; 10000 का EYE Test

एमपी की राजधानी भोपाल के सरकारी स्कूलों में छह से 14 साल तक के करीब 10 हजार बच्चों के नेत्र परीक्षण हुआ। इसमें में 5297 की नजर कमजोर मिली। इन्हें पढ़ाई के लिए चश्मे दिए जाएंगे।


mobile affect kids eye मोबाइल से कमजोर हुई बच्चों की नजर 5297 को चश्मे की जरूरत 10000 का eye test

MP School Student Eye Test |

भोपाल। मोबाइल, टीवी और पढ़ाई के लिए स्क्रीन पर बढ़ता समय बच्चों की आंखों के लिए चिंता का कारण बन रहा है। इसी बढ़ते खतरे को समय रहते पहचानने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने राजधानी के स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों का नेत्र परीक्षण कराया। इसमें लगभग पांच हजार से अधिक ऐसे बच्चे मिले, जिनको अब पढऩे के लिए चश्मे लगाने होंगे। डॉक्टरों ने इन बच्चों से नेत्र कमजोर होने का कारण पूछा, तो पता चला कि वे अधिकतर समय मोबाइल देखते हैं।
 
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से पिछले माह के अंत में सभी सरकारी शालाओं में नेत्र परीक्षण शिविर लगाया था। शिविर में लगभग 10 हजार बच्चों का नेत्र परीक्षण कराया गया। इसमें से करीबन 5297 बच्चों को डॉक्टरों ने चश्मे लगाने को कहा गया। 

200 में 13 बच्चों की आंखे निकली कमजोर

संजयनगर नारियलखेड़ा के शिक्षकों ने बताया कि उनके यहां 200 में से लगभग 13 बच्चों की आंखे कमजोर पाई गई। इनका नेत्र परीक्षण जवाहरलाल नेहरू गैस राहत अस्पताल में डॉक्टरों ने किया। इसकी रिपोर्ट आने के बाद नेत्र चिकित्सक डॉ. फरीदा ने 11 बच्चों को चश्मा लगाना अनिवार्य बताया है। इनको मुफ्त चश्मे स्वास्थय विभाग की ओर से दिए जाएंगे। इनके नेत्र कमजोर होने की मुख्य वजह मोबाइल हो सकता है। शिक्षक, अभिभावकों से कहे कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखे। 

स्वास्थ्य विभाग टीम ने विजन की प्रारंभिक स्क्रीनिंग

बता दें कि यह परीक्षण राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और संबंधित विभागों के समन्वय से प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित किया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने स्कूलों में जाकर बच्चों के विजन की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की थी। 

इनका कहना है..

स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल के डीईओ अभिनव आर्य ने सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के गरीब और जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त में नेत्र परीक्षण करने के बाद चश्मा उपलब्ध कराना है, ताकि कमजोर नजर के कारण उनकी पढ़ाई पर कोई असर न पड़े। जल्द ही पात्र बच्चों को चश्मे बनाकर दे दिए जाएंगे। यह संयुक्त कार्यक्रम स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग का है।

Related to this topic: