उत्तर प्रदेश में LPG सिलेंडर की किल्लत से लोग परेशान। कई शहरों में गैस एजेंसियों पर लंबी लाइनें, अयोध्या की राम रसोई पहली बार बंद करनी पड़ी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि गैस बुक कराने के 4 से 5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं। किल्लत का असर धार्मिक और सामाजिक सेवाओं पर भी दिखने लगा है। अयोध्या की राम रसोई, जो पिछले 8 साल से लगातार चल रही थी, उसे बुधवार को गैस नहीं मिलने के कारण बंद करना पड़ा। यह पहली बार है जब गैस की कमी के चलते इस रसोई को रोकना पड़ा।
गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें, कई जगह हंगामा
प्रदेश के कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ जमा हो रही है। कई जगह लोग रात या तड़के 3 बजे से ही सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े हो रहे हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी सभी को गैस नहीं मिल पा रही। गोरखपुर और सिद्धार्थनगर में हालात संभालने के लिए पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। कम सप्लाई और ज्यादा मांग के कारण कई जगह लोगों के बीच कहासुनी और झगड़े की भी खबरें सामने आई हैं।
श्रावस्ती में धक्का-मुक्की, महिला घायल
श्रावस्ती में गैस एजेंसी पर भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी का माहौल बन गया। धक्का-मुक्की के दौरान एक महिला गिरकर बेहोश हो गई और उसके सिर से खून बहने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया जा रहा है।
गोरखपुर में सिलेंडर को लेकर मारपीट
गोरखपुर में लाइन में लगे लोगों के बीच उस समय विवाद हो गया जब एक युवक सिलेंडर लेकर सीधे लाइन में घुसने लगा। दूसरे युवक ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच जमकर मारपीट हो गई। पुलिसकर्मियों के सामने ही दोनों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाए। बाद में पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। इसी दौरान पीपीगंज स्थित आशीष इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम को सील कर दिया गया, क्योंकि वहां से भरा हुआ सिलेंडर ट्रक दूसरी जगह भेजने की शिकायत मिली थी।
CM योगी ने दिए सख्त निर्देश
गैस संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि गैस और तेल की कालाबाजारी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के डीएम और एसपी को गैस वितरण पर नजर रखने को कहा है।
कंपनियों ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं
हालांकि प्रशासन और तेल कंपनियों का कहना है कि गैस की कोई बड़ी कमी नहीं है। कंपनियों ने ग्राहकों को मैसेज भेजकर बताया है कि सप्लाई सामान्य है और किल्लत की खबरें भ्रामक हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग नजर आ रहे हैं, जहां लोगों को कई दिनों तक सिलेंडर का इंतजार करना पड़ रहा है।
कॉमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक
घटते स्टॉक को देखते हुए तेल कंपनियों ने फिलहाल कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी पर अनौपचारिक रोक लगा दी है। एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभी घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई पर ध्यान दें। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों पर पड़ रहा है, जिन्हें कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहे।
यूपी में रोजाना 5-6 लाख सिलेंडर की खपत
उत्तर प्रदेश में इस समय करीब 4.26 करोड़ घरेलू LPG कनेक्शन हैं। इनमें से 1.87 करोड़ कनेक्शन उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं। प्रदेश में हर दिन औसतन 5 से 6 लाख गैस सिलेंडरों की खपत होती है। ऐसे में सप्लाई में थोड़ी भी कमी का असर तुरंत लोगों तक पहुंचने लगता है।