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एमपी में अब किन्नर बन सकेंगे आरक्षक और सब-इंस्पेक्टर, पुलिस भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव

एमपी में अब किन्नर बन सकेंगे आरक्षक और सब-इंस्पेक्टर, पुलिस भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव

एमपी में अब किन्नर बन सकेंगे आरक्षक और सब-इंस्पेक्टर पुलिस भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव

मध्य प्रदेश में अब किन्नर उम्मीदवार भी आरक्षक और सब-इंस्पेक्टर की पुलिस भर्ती में शामिल हो सकेंगे. इसके लिए राज्य शासन ने पुलिस भर्ती नियमों में संशोधन किया है और यह अधिसूचना 30 दिसंबर 2025 को राजपत्र में जारी कर प्रभावशील हो गई है. शासन ने स्पष्ट किया है कि किन्नर महिला है या पुरुष, इसका प्रमाण पत्र अब मेडिकल बोर्ड नहीं, बल्कि कलेक्टर जारी करेंगे। प्रमाण पत्र के आधार पर किन्नर उम्मीदवार को चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

भर्ती नियमों में ये हुए बदलाव

लिंग पहचान का मान्यता: जन्म के समय निर्धारित लिंग से भिन्न लिंग पहचान रखने वाले या लिंग परिवर्तन कर चुके उम्मीदवारों को अब भर्ती प्रक्रिया में मान्यता दी जाएगी।

शारीरिक मापदंड: ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए शारीरिक योग्यता और मापदंड उनके प्रमाण पत्र के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे।

ओबीसी वर्ग में शामिल: पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आदेश (17 अप्रैल 2023) के अनुसार उभयलिंगी (किन्नर) उम्मीदवारों को ओबीसी कैटेगरी में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि अब ये उम्मीदवार ओबीसी वर्ग के लाभों के पात्र होंगे।

प्रमाण पत्र जारी करना: भर्ती प्रक्रिया में कलेक्टर यह तय करेंगे कि उम्मीदवार महिला किन्नर है या पुरुष किन्नर, और उसी आधार पर उन्हें भर्ती में शामिल किया जाएगा।

फैससे का स्वागत

इस निर्णय से पुलिस भर्ती में समावेशिता बढ़ेगी और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को सरकारी नौकरी पाने का मार्ग खुला। अब तक भर्ती प्रक्रिया में लिंग पहचान के आधार पर बाधाएं थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है।

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