टीकमगढ़ में लव जिहाद मामले को लेकर हिंदू संगठनों की बैठक हुई। पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे और कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई गई।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में ‘लव जिहाद’ के एक मामले को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। इस मुद्दे पर रविवार रात नजरबाग मंदिर परिसर में हिंदू संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यह मामला करीब छह दिन पहले जिला अस्पताल में हुई एक घटना से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां जमालुद्दीन काजी नामक युवक पर एक महिला से छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। घटना के बाद कुछ लोगों द्वारा आरोपी के साथ मारपीट की जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाकर उसे प्रेमजाल में फंसाया, शारीरिक शोषण किया और बाद में ब्लैकमेल किया।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी को पहले अस्पताल से पुलिस की निगरानी में रखा गया था, लेकिन बाद में वह वहां से फरार हो गया। इसी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
हिंदू संगठनों की बैठक और मांगें
रविवार रात बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज के नेतृत्व में नजरबाग प्रांगण में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। बैठक में पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई गई और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों से संपर्क भी हुआ, जिसमें बताया गया कि आरोपी को पकड़ लिया गया है। इसके बाद महंत ने आरोपी का सार्वजनिक जुलूस निकालने की मांग रखी। साथ ही, कुछ पदाधिकारियों ने एसपी और टीआई को हटाने की मांग भी उठाई।