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सरेंडर नक्सलियों ने देखी सदन की कार्यवाही

'गन'तंत्र से गणतंत्र तक', सरेंडर किए 120 नक्सली पहुंचे विधानसभा, हंगामे के बीच देखी कार्यवाही

छत्तीसगढ़ विधानसभा में 120 सरेंडर नक्सलियों ने कार्यवाही देखी। सदन में परीक्षा, फ्लाईऐश और विकास कार्यों पर तीखी बहस और विपक्ष का वॉकआउट हुआ।


गनतंत्र से गणतंत्र तक सरेंडर किए 120 नक्सली पहुंचे विधानसभा हंगामे के बीच देखी कार्यवाही

Naxalites in Chhattisgarh Assembly |

रायपुरः छत्तीसगढ़ विधानसभा का आज का दिन कई मायनों में अलग रहा। माओवाद की विचारधारा त्यागकर संविधान की राह अपनाने वाले 120 पुनर्वासित युवाओं का दल आज छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचा। युवाओं ने सदन की कार्यवाही को करीब से देखा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को समझा। यह शैक्षणिक भ्रमण उनके लिए प्रेरणादायक और मार्गदर्शक अनुभव साबित हुआ।

मुख्यमंत्री से आत्मीय मुलाकात

विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से युवाओं की आत्मीय मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री ने सभी का ‘जय जोहार’ कहकर स्वागत किया और कहा कि पुनर्वास का निर्णय लेने वाले सभी साथियों का राज्य सरकार हृदय से अभिनंदन करती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पुनर्वासित युवाओं की सुरक्षा और सम्मान का पूरा ध्यान रखेगी।

मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पुनर्वासित युवा समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और आत्मनिर्भर बनें। इसी उद्देश्य से पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर संविधान के मंदिर में खड़े होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को देखना इस बात का प्रमाण है कि सकारात्मक बदलाव संभव है। युवाओं को शिक्षा, स्वरोजगार और शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।

‘गन’तंत्र से गणतंत्र की ओर

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जो युवा ‘गन’तंत्र का रास्ता छोड़कर गणतंत्र की मुख्यधारा में लौटे हैं, उनका राज्य सरकार स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि संविधान का मार्ग ही शांति, विकास और समृद्धि की राह है। राज्य सरकार पुनर्वासित युवाओं के सम्मानजनक जीवन, रोजगार और कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये युवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनेंगे।

मंत्रियों और विधायकों ने भी दिया भरोसा

इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक किरण देव और सुशांत शुक्ला ने भी युवाओं से मुलाकात की। सभी ने आश्वस्त किया कि शासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण

पुनर्वासित युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को नजदीक से देखने का अवसर उनके लिए बेहद प्रेरक रहा। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अब संविधान और कानून के दायरे में रहकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

उल्लेखनीय है कि 120 सदस्यीय इस दल में 66 पुरुष और 54 महिलाएं शामिल हैं। यह समूह तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर रायपुर आया है, जहां वे शासन-प्रशासन की विभिन्न व्यवस्थाओं और विकासात्मक पहलों से परिचित हो रहे हैं।

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सत्ता पक्ष ने अपनी ही सरकार से मांगा जवाब

सदन के भीतर सत्ता पक्ष के विधायकों प्रमोध मिंज, अजय चंद्राकर और रिकेश सेन ने परीक्षा में नकल और परीक्षा केंद्र से वंचित किए जाने का मुद्दा उठाया। विधायकों ने कहा कि बच्चे 15 किलोमीटर दूर जाकर परीक्षा दे रहे। परीक्षा केंद्र से वंचित रखने से उन्हें परेशानी हो रही। ये केंद्र सरकार के नियमों का उल्लंघन है। मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब दिया कि अगले शिक्षा सत्र से व्यवस्था ठीक होगी।

विकास कार्यों पर विपक्ष का हंगामा

कांग्रेस विधायकों ने विकास कार्यों की स्वीकृति को लेकर सवाल उठाए। विधायक उमेश पटेल ने रायगढ़ जिले में संचालित उद्योगों में अवैध फ्लाईऐश डंप के मामलों और कार्रवाई की जानकारी मांगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जवाब दिया आपकी सरकार की अपेक्षा 10 गुना ज्यादा कार्रवाई हुई, हमने ट्रांसपोर्ट्स की धरपकड़ की है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा 'जिसको आप निरंक बता रहे, उस समय तो आपकी सरकार ने लॉकडाउन लगाया था।' वित्त मंत्री के जवाब पर सदन में हंगामा हुआ और विपक्ष ने पहला वॉकआउट किया।

इसके बाद विधायक संगीता सिन्हा ने 18 करोड़ के काम की स्वीकृति मांगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा यह विभागीय प्रक्रिया है, यहां घोषणा करना उचित नहीं।
भूपेश बघेल ने कहा- आप विपक्ष का काम नहीं करना चाहते।
नारेबाजी के बीच विपक्ष ने दूसरा वॉकआउट किया।

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