राजेश जायसवाल, महराजगंज: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के एक 33 वर्षीय जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। शनिवार देर रात करीब दो बजे खनुआ पोस्ट स्थित कैंप में जवान मंजीत ने अपनी सर्विस राइफल से सीने में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज और जवान के ड्यूटी स्थल पर नहीं पहुंचने के बाद कैंप में हड़कंप मच गया। तलाश के दौरान उनका शव कैंप की सीढ़ियों के नीचे सर्विस राइफल के साथ मिला।
मृतक जवान मंजीत बिहार के औरंगाबाद जिले के जमहोर गांव के निवासी थे और SSB की 66वीं बटालियन में तैनात थे। जानकारी के मुताबिक, वह पांच दिन पहले ही छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। बताया जा रहा है कि छुट्टी से लौटने के बाद से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। हालांकि, उनकी मौत के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो शुरू हुई तलाश
SSB अधिकारियों के मुताबिक, मंजीत की ड्यूटी रात एक बजे से सुबह सात बजे तक निर्धारित थी। रात करीब दो बजे ड्यूटी कमांडर ने उन्हें निर्धारित स्थान पर नहीं पाया। इसकी सूचना कैंप में दी गई, जिसके बाद जवान की तलाश शुरू की गई। इसी दौरान कैंप की सीढ़ियों के नीचे वह मृत अवस्था में मिले। उनके पास सर्विस राइफल भी बरामद हुई।
दो साल पहले हुई थी शादी, ढाई महीने का है बेटा
मंजीत के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी शादी करीब दो साल पहले हुई थी और उनका ढाई महीने का एक बेटा है। बताया जा रहा है कि करीब ढाई महीने पहले ही उनके बड़े भाई की भी मौत हो गई थी। उनके पिता सुरेश राम का भी पहले निधन हो चुका है। परिवार में मां नगिना देवी के अलावा दो भाई और एक बहन हैं।
2014 में SSB में हुए थे भर्ती
मंजीत 23 जून 2014 को सशस्त्र सीमा बल में भर्ती हुए थे। घटना की जानकारी मिलते ही सोनौली थाना प्रभारी और नौतनवा के क्षेत्राधिकारी पुलिस बल के साथ खनुआ कैंप पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों ने जवान के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। फिलहाल पुलिस और SSB के अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं। जवान की मौत से सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों में शोक का माहौल है।