Breaking News
  • बंगाल में चुनाव से पहले मुख्य सचिव-DGP को हटाया: कोलकाता पुलिस कमिश्नर समेत 6 अधिकारी बदले
  • धार भोजशाला विवाद पर MP हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, जज खुद करेंगे मुआयना
  • बिहार राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन को झटका, पांचों सीटों पर NDA की जीत
  • BJP ने केरल उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की
  • BJP ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 144 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की
  • भारतीय LPG जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा
  • बंगाल के लगभग 50 फीसदी विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज: ADR

होम > प्रदेश > मध्य प्रदेश

Patwari Bribe Case Sidhi Lokayukta Action

जमीन ट्रांसफर के लिए 50 हजार की डील में फंसा पटवारी! सीधी में लोकायुक्त ने रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

सीधी जिले में लोकायुक्त टीम ने एक पटवारी को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जमीन के काम के बदले 50 हजार की मांग का आरोप, मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई।


जमीन ट्रांसफर के लिए 50 हजार की डील में फंसा पटवारी सीधी में लोकायुक्त ने रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

Lokayukta Action in Sidhi |

सीधी। मध्यप्रदेश में सरकार की सुशासन नीति के दावे के बाद भी सरकारी विभाग में भष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही मामला सीधी जिले से सामने आया है। यहां भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

मामला सामने आते ही राजस्व विभाग में हलचल मच गई, क्योंकि आरोपित पटवारी जमीन से जुड़े काम के बदले मोटी रकम की मांग कर रहा था। शिकायत के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और आखिरकार उसे रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।

जमीन के काम के बदले मांगी थी रिश्वत

जानकारी के मुताबिक झगरहा निवासी मुनिश्वर प्रसाद सोनी (45) ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी शीला सोनी के नाम दर्ज 0.0362 हेक्टेयर जमीन से जुड़े इतलाबी कार्य और उनकी मां की मृत्यु के बाद वारिसाना दर्ज कराने के लिए हल्का पटवारी मुनेंद्र सिंह भदौरिया उनसे रिश्वत मांग रहा था। शिकायत में कहा गया कि पटवारी ने इस काम के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी।

पहले ही ले चुका था 25 हजार

शिकायतकर्ता के अनुसार पटवारी 11 मार्च को पहले ही 25 हजार रुपये ले चुका था। इसके बाद भी वह बाकी रकम के लिए लगातार दबाव बना रहा था। पीड़ित ने परेशान होकर पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त रीवा में कर दी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई, इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।

पांच हजार लेते ही दबोचा गया

सोमवार को लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही पटवारी ने 5 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पूरे घटनाक्रम को सरकारी गवाहों की मौजूदगी में दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

12 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई

इस पूरी कार्रवाई को लोकायुक्त रीवा की टीम ने अंजाम दिया। टीम में डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार, इंस्पेक्टर उपेंद्र दुबे, दो स्वतंत्र शासकीय गवाह समेत  कुल 12 सदस्यीय दल शामिल था। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

Related to this topic: