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77वें गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया सम्मानित

77वें गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया सम्मानित

शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया

77वें गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया सम्मानित

गणतंत्र दिवस के अवसर पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को शांति काल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें एक्सिओम-4 मिशन के दौरान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में असाधारण साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए मिला।

समारोह के दौरान, शुभांशु की पत्नी डॉक्टर कामना शुक्ला गैलरी में बैठी थीं, और उनके चेहरे पर गर्व और खुशी झलक रही थी। लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला हाल ही में अंतरिक्ष में 14 दिन बिताकर लौटे हैं। मिशन से पहले लंबी ट्रेनिंग और क्वारंटीन की वजह से उन्हें लगभग एक साल तक अपनी पत्नी और परिवार से दूर रहना पड़ा था।

शुभांशु और कामना की कहानी

 दोनों ने लखनऊ के सिटी मांटेसरी स्कूल में पढ़ाई की और वहीं से उनकी दोस्ती और बाद में प्रेम कहानी शुरू हुई। वर्ष 2009 में दोनों ने शादी की। कामना पेशे से डेंटिस्ट हैं और लखनऊ में रहती हैं। कामना ने बताया था कि शुभांशु शुक्ला शर्मीले, शांत और विनम्र व्यक्ति है।

अंतरिक्ष मिशन और उपलब्धियाँ:

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने नासा के एक्सिओम मिशन 4 के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा किया। इस मिशन के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग किए। जिनमें अंतरिक्ष में मेथी और मूंग जैसी फसलों का सफलतापूर्वक उगाना भी शामिल है। यह शोध भविष्य में अंतरिक्ष अभियानों में खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

उन्होंने Su-30MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar जैसे जेट विमान उड़ाए हैं और उनके पास 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। मार्च 2024 में उन्हें ग्रुप कैप्टन का पद मिला। उनके साहस और समर्पण ने उन्हें भारतीय वायुसेना और देश के लिए गर्व का प्रतीक बना दिया है।