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Shivpuri Ration Scam: 16 Lakh Recovery and FIR

Shivpuri Ration Scam: गरीबों के राशन पर डाका पड़ा तो डीएम ने कसा शिकंजा, ₹16 लाख की वसूली, FIR और जेल

शिवपुरी में राशन वितरण में गड़बड़ी पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। चार मामलों में ₹16 लाख से अधिक की वसूली, FIR और एक विक्रेता को जेल भेजने की कार्रवाई हुई।


shivpuri ration scam गरीबों के राशन पर डाका पड़ा तो डीएम ने कसा शिकंजा ₹16 लाख की वसूली fir और जेल

Shivpuri DM Action on Ration Scam |

राजेंद्र जैन, शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के डीएम अर्पित वर्मा के सख्त तेवरों का परिणाम अब सामने आना शुरू हो गया है। रविवार के दिन कोलारस अनुविभाग क्षेत्र में उचित मूल्य दुकान लेवा और कार्या के पूर्व विक्रेता, प्रबंधन सहित जिम्मेदारों के खिलाफ न सिर्फ पुलिस प्राथमिकी तेंदुआ थाने में दर्ज की गई है, बल्कि इसके अलावा जो राशन खुर्दबुर्द किया गया था उसकी वसूली भी की जाएगी।

दोनों ही कार्रवाइयों में खास बात यह रही कि ऐसा पहली बार देखने में आया कि जो सेल्समैन और संबंधित संस्था के जिम्मेदार राशन की कालाबाजारी करने के बाद कार्रवाई से बचने के लिए दुकान छोड़कर भाग जाते थे, लेकिन इस की गई कार्रवाई में असल जिम्मेदारों के खिलाफ ही पुलिस कार्रवाई की गई है। यहां आपको बतादें कि डीएम अर्पित वर्मा के निर्देशों के परिपालन में कोलारस अनुभाग में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़, पारदर्शी एवं सुचारू बनाने के उद्देश्य से व्यापक कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री वर्मा ने स्पष्ट किया है कि पात्र हितग्राहियों तक खाद्यान्न की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर पाई जाने वाली अनियमितता पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अनियमितता पर लगभग ₹16 लाख रुपए की वसूली

डीएम अर्पित वर्मा के निर्देशों के क्रम में कोलारस अनुभाग अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली में दर्ज अनियमितताओं के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी पूर्व विक्रेताओं एवं प्रबंधकों से  16,00,000/- से अधिक की राशि की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं। इसके तहत शासकीय उचित मूल्य दुकान लेवा के पूर्व विक्रेता राजकुमार शर्मा एवं संस्था के जिम्मेदार हार्दिक गुप्ता से ₹4,41,300/-, कार्या दुकान के पूर्व प्रबंधक सुआ लाल रावत, विक्रेता भगवान जाटव एवं सहायक विक्रेता अजय परिहार से ₹5,00,725/-, रिन्हाय दुकान के विक्रेता सोनू जाटव, सहायक भारत यादव एवं प्रबंधक हेतराम जाटव से ₹3,37,035/- तथा अटरूनी दुकान के विक्रेता चित्रांश ओझा से ₹3,20,407/- की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त लेवा एवं कार्या दुकान के संबंधित  विक्रेताओं व संस्था के जिम्मेदारों के विरुद्ध गंभीर अनियमितता पाए जाने पर तेंदुआ थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा चुकी है।

वितरण में लापरवाही पर कड़ा रुख, विक्रेता भेजा गया जेल

खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के कड़े निर्देशों के तहत शासकीय उचित मूल्य दुकान उन्हाई के विक्रेता गोपाल जाटव पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की गई है। विक्रेता द्वारा ग्रामीणों को राशन वितरण न किए जाने तथा स्थल पर भौतिक सत्यापन के दौरान दुकान पर खाद्यान्न उपलब्ध न पाए जाने को गंभीरता से लिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत संबंधित विक्रेता के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया गया है।

कलेक्टर की पहल पर बारिश के बीच घर-घर पहुंचा राशन

कलेक्टर अर्पित वर्मा की मंशा के अनुरूप जहां एक ओर अनियमितता करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर अंतिम व्यक्ति तक खाद्यान्न पहुंचाना प्राथमिकता में शामिल है। इसी संवेदनशीलता का उदाहरण ग्राम मोहरा (तहसील कोलारस) में देखने को मिला, जहां अत्यधिक वर्षा के कारण हितग्राही राशन दुकान तक पहुंचने में असमर्थ थे। कलेक्टर श्री वर्मा के जन-सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देशों का पालन करते हुए विक्रेता विवेक वैरागी एवं उनकी टीम ने पीओएस मशीन और राशन सामग्री के साथ ग्रामीणों के द्वार-द्वार पहुंचकर खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित किया। विपरीत मौसम में भी घर बैठे राशन प्राप्त होने पर ग्रामीणजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कलेक्टर श्री वर्मा का आभार जताया।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और सुगमता शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट किया है कि जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली  को पूर्णतः पारदर्शी, सुदृढ़ और जनसुलभ बनाना जिला प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शासकीय योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक बिना किसी बाधा के पहुंचे, इसके लिए उचित मूल्य दुकानों की निरंतर समीक्षा की जा रही है। व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी तरह सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

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