Breaking News
  • उत्तर प्रदेश में 20 हजार पदों पर आउटसोर्स भर्तियां होंगी, 426 करोड़ बजट बढ़ा
  • कुबेरेश्वर में 14 फरवरी से रुद्राक्ष महोत्सव- रुद्राक्ष नहीं बंटेंगे, पहली बार 2.5 किमी का पैदल कॉरिडोर
  • विदिशा में 30 फीट गहरे तालाब में गिरी कार, 3 बारातियों की मौत 7 घायल
  • राजस्थान- शादी समारोह में एसिड पीने से 4 की मौत, मृतकों में तीन महिलाएं भी शामिल
  • प्रधानमंत्री ऑफिस आज सेवा तीर्थ में शिफ्ट होगा, साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट मीटिंग
  • टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी जीत:, 47वीं बार 200+ स्कोर बनाया
  • बांग्लादेश चुनाव में BNP की जीत पर PM मोदी ने तारिक रहमान को बधाई दी
  • दिल्ली के कई स्कूलों को बम की धमकी, पुलिस ने जांच शुरू की

होम > प्रदेश > उत्तर प्रदेश

बोल न सकी, पर योगी समझ गए खुशी के आंसुओं में स्नेह

बोल न सकी, पर योगी समझ गए खुशी के आंसुओं में स्नेह

बोल न सकी पर योगी समझ गए खुशी के आंसुओं में स्नेह

सीएम से मिली कानपुर की मूक-बधिर बेटी खुशी का परिवार

कानपुर की 20 वर्षीय मूक-बधिर लड़की खुशी गुप्ता और उनके परिवार के लिए बुधवार का दिन आशा और स्नेह का नया अध्याय लेकर आया। खुशी अपने हाथों से बनाए चित्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट करने के लिए अकेले कानपुर से लखनऊ पहुँची।

मुख्यमंत्री का मानवीय हस्तक्षेप

• खुशी को लोक भवन के बाहर रोते देख हजरतगंज पुलिस ने तत्काल सहायता की।

• यह खबर मुख्यमंत्री तक पहुँचते ही उन्होंने प्रशासनिक औपचारिकता को दरकिनार करते हुए परिवार को आवास पर बुलाने का निर्देश दिया।

• मुख्यमंत्री ने खुशी के चित्रों का स्नेहपूर्वक अवलोकन किया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी का चित्र भी शामिल था।

कल्याणकारी कदम और सुरक्षा का आश्वासन

मुख्यमंत्री ने खुशी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए। कानपुर के मूक-बधिर कॉलेज में दाखिले की व्यवस्था, पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट के लिए मोबाइल और टैबलेट की व्यवस्था की गई। खुशी के कान के इलाज का आश्वासन दिया गया। परिवार के लिए आवास की सुविधा का वादा भी किया गया। खुशी के पिता कल्लू गुप्ता और माता गीता गुप्ता ने इस मुलाकात को अविश्वसनीय सम्मान और सुरक्षा का अनुभव बताया। यह घटना मुख्यमंत्री के जन-कल्याणकारी और संवेदनशील शासन मॉडल की एक जीवंत मिसाल साबित हुई।

Related to this topic: