बलरामपुर के हंसपुर गांव में SDM और नायब तहसीलदार पर मारपीट का आरोप, बुजुर्ग की मौत। खेत से लौट रहे ग्रामीणों को लाठी-लात से पीटा गया
बलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में कुसमी एसडीएम और नायब तहसीलदार पर तीन ग्रामीणों के साथ बेरहमी से मारपीट का आरोप लगा है। इस घटना में एक बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मामला कुसमी थाना क्षेत्र का है।
घटना के बाद गांव से लेकर अस्पताल और थाने तक तनाव का माहौल बना हुआ है। हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल एसडीएम सहित चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, हालांकि अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है।
खेत से लौटते वक्त रोका, फिर पीटा
घायलों का कहना है कि वे गेहूं के खेत में सिंचाई कर लौट रहे थे। रात करीब 8 बजे सरना के पास उन्हें एक गाड़ी ने रोका। गाड़ी में एसडीएम, नायब तहसीलदार और 6–7 युवक सवार थे. आरोप है कि बिना ज्यादा पूछताछ के ही तीनों को लाठी, लात और घूंसों से पीटा गया। इसके बाद जबरन गाड़ी में बैठाकर कुसमी ले जाया गया। मारपीट के बाद रास्ते में ही एक ग्रामीण की हालत अचानक बिगड़ गई। वह बेहोश हो गया। इसके बाद तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी लाया गया।
अस्पताल में बुजुर्ग की मौत
इलाज के दौरान राम नरेश राम (60) की मौत हो गई। दो अन्य घायलों में अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) शामिल हैं। दोनों का इलाज जारी है. मौत की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जुट गई और आक्रोश का माहौल बन गया।
अवैध बक्साइट उत्खनन से जुड़ा मामला
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, हंसपुर गांव में अवैध बक्साइट उत्खनन की शिकायत मिली थी। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने एक बक्साइट लोड ट्रक पकड़ा था, जिसके बाद ब्लैकमेलिंग की सूचना सामने आई. इसी सूचना पर कुसमी एसडीएम करूण डहरिया और नायब तहसीलदार पारस शर्मा राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। जानकारी सामने आई है कि अधिकारी अपने साथ सुरक्षाकर्मी नहीं लाए थे। वे कुछ स्थानीय युवकों के साथ गांव पहुंचे। मारपीट में सुदीप, मंदीप, विक्की सिंह समेत अन्य युवकों की भूमिका भी बताई जा रही है।
SDM समेत 4 हिरासत में
घटना के बाद एसडीएम, नायब तहसीलदार और मारपीट में शामिल बताए गए युवकों को राजपुर थाना में रखा गया है। बलरामपुर एडिशनल एसपी विश्व दीपक त्रिपाठी भी जांच के लिए कुसमी पहुंचे हैं। अंबिकापुर से फॉरेंसिक टीम बुलाई गई है, लेकिन देर शाम तक एफआईआर दर्ज नहीं होने को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।