सतना के पास जबलपुर-रीवा शटल के कोच से धुआं और चिंगारी उठने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। ब्रेक बाइंडिंग के कारण ट्रेन को सतना स्टेशन पर रोककर करीब आधे घंटे बाद रवाना किया गया।
सतना। चलती ट्रेन के पहियों से अचानक चिंगारियां और धुआं उठता देख यात्रियों में कुछ मिनटों के लिए अफरा-तफरी मच गई। मामला शुक्रवार सुबह का है, जब जबलपुर-रीवा शटल उचेहरा से सतना की ओर बढ़ रही थी।
ट्रेन में बैठे यात्रियों ने कोच के पहियों के पास से चिंगारी उठती देखी और कुछ ही देर में धुआं भी दिखाई देने लगा। देखते ही देखते डिब्बे में हलचल बढ़ गई। कई यात्री घबराकर दरवाजे की ओर बढ़ने लगे। हालांकि समय रहते ड्राइवर और गार्ड ने कंट्रोल रूम को सूचना दे दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
पहियों से धुआं उठते ही मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक ट्रेन उचेहरा और सतना स्टेशन के बीच थी। तभी कोच क्रमांक 114674 के पहिए से चिंगारी और धुआं उठता दिखाई दिया। यात्रियों ने तुरंत इसकी सूचना ट्रेन स्टाफ को दी। ड्राइवर और गार्ड ने स्थिति को गंभीर मानते हुए रेलवे कंट्रोल रूम को अलर्ट किया।
सतना स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन
ट्रेन को सुरक्षित तरीके से सतना स्टेशन तक लाया गया, जहां पहुंचते ही रेलवे की तकनीकी टीम और अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एहतियात के तौर पर कुछ यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर उतरने के लिए कहा गया, ताकि कोच की जांच आसानी से की जा सके। करीब 30 से 36 मिनट तक ट्रेन सतना स्टेशन पर खड़ी रही, इस दौरान रेलवे कर्मचारियों ने तकनीकी जांच और मरम्मत का काम किया।
ब्रेक बाइंडिंग बनी वजह
प्राथमिक जांच में सामने आया कि कोच के पहिए में ब्रेक बाइंडिंग हो गई थी। यानी ब्रेक ब्लॉक जाम हो जाने के कारण पहिया सही तरीके से घूम नहीं पा रहा था, जिससे घर्षण बढ़ा और चिंगारी के साथ धुआं उठने लगा। इस वजह से ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों को अचानक झटका महसूस हुआ और वे घबरा गए।
जांच के बाद रीवा के लिए रवाना हुई ट्रेन
मरम्मत के बाद तकनीकी टीम ने कोच को सुरक्षित बताया। इसके बाद ट्रेन को करीब आधे घंटे की देरी से रीवा के लिए रवाना कर दिया गया। देवेंद्र यादव ने बताया कि ब्रेक ब्लॉक जाम होने से यह स्थिति बनी थी। उचेहरा से ट्रेन को सतना लाकर तकनीकी जांच की गई और समस्या दूर करने के बाद ही गाड़ी को आगे भेजा गया।
बड़ा हादसा टला
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई। लेकिन अचानक धुआं और चिंगारी देखकर कुछ समय के लिए ट्रेन में दहशत का माहौल जरूर बन गया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।