सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। जानिए कैसे नीतीश कुमार और अमित शाह के भरोसे ने उन्हें राज्य की राजनीति में शीर्ष तक पहुंचाया
पटना। बिहार में सियासी बदलाव के बीच सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही वे बिहार में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
पहले से मिल रहे थे संकेत
राजनीतिक गलियारों में पिछले कुछ समय से ही सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा चल रही थी। समृद्धि यात्रा के दौरान भी नीतीश कुमार ने उनके कंधे पर हाथ रखकर संकेत दिए थे। इससे पहले उन्होंने सम्राट के पिता शकुनी चौधरी से कहा था कि उनका बेटा आगे चलकर बड़ी जिम्मेदारी संभालेगा।
अमित शाह का भी मिला समर्थन
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान अमित शाह ने भी सम्राट चौधरी के समर्थन में प्रचार किया था। तारापुर में रैली के दौरान उन्होंने कहा था कि सम्राट को बड़ा नेता बनाया जाएगा। यह बयान अब सियासी तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनाव में बड़ी जीत और बढ़ा कद
2025 के विधानसभा चुनाव में सम्राट चौधरी ने तारापुर सीट से करीब 45 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। एनडीए की सरकार बनने के बाद उन्हें दोबारा उपमुख्यमंत्री बनाया गया। इस बार उन्हें गृह विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई, जो पहले मुख्यमंत्री के पास रहती थी।
नीतीश के भरोसे का मिला फल
सम्राट चौधरी के प्रति नीतीश कुमार का भरोसा कई मौकों पर सामने आया। जनवरी में पटना स्थित आवास पर हुए एक कार्यक्रम में भी नीतीश ने उनकी तारीफ करते हुए कहा था कि वह मेहनती हैं और आगे बढ़ेंगे।
अलग-अलग दलों में रहा राजनीतिक सफर
सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की थी। वर्ष 2000 में वे पहली बार विधायक बने। इसके बाद उन्होंने जनता दल (United) का रुख किया। फिर 2018 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने के बाद उनका कद तेजी से बढ़ा। वर्ष 2022 में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और 2024 में पहली बार उपमुख्यमंत्री बने।
अब मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी
अब एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। शपथ ग्रहण के बाद वे आधिकारिक रूप से बिहार की कमान संभालेंगे।