संभल के मुबारकपुर बंद गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की। 35 फीट ऊंची मीनार गिराई गई और दुकानों व अन्य ढांचों पर भी बुलडोजर चला। डीएम और एसपी मौके पर मौजूद रहे।
संभल: जिले के मुबारकपुर बंद गांव में शुक्रवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 35 फीट ऊंची मस्जिद की मीनार को ढहा दिया। यह कार्रवाई सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और कब्जे के मामले में की गई। मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे।
हाइड्रा मशीनों से गिराई गई मीनार
जानकारी के अनुसार, मीनार को गिराने के लिए दो हाइड्रा मशीनों का इस्तेमाल किया गया। एक मजदूर ने मीनार पर चढ़कर रस्सी बांधी, जिसे दोनों मशीनों से जोड़कर खींचा गया। इसके बाद मीनार गिर गई और मस्जिद की छत पर जा गिरी। इससे पहले सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर बनी पांच दुकानों को भी हटाया गया। प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की थी।
पहले भी हुई थी आंशिक कार्रवाई
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इससे पहले 5 अप्रैल को भी कार्रवाई की गई थी, जिसमें मदरसा और कुछ दुकानों को हटाया गया था। उस समय मीनार को गिराने की योजना टल गई थी, क्योंकि तकनीकी कारणों से बुलडोजर ऑपरेटर ने जोखिम का हवाला दिया था।
सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला
प्रशासन का कहना है कि यह पूरा निर्माण ग्राम समाज की जमीन पर किया गया था। करीब 15 साल पहले 150 वर्गमीटर क्षेत्र में मस्जिद सहित दुकानें और अन्य ढांचे बनाए गए थे। वहीं, आसपास दो सरकारी स्कूल भी स्थित हैं। तहसीलदार कोर्ट के आदेश के बाद 28 मार्च को नोटिस जारी किया गया था और बाद में अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
प्रशासन और पुलिस की सख्त मौजूदगी
कार्रवाई के दौरान डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी केके बिश्नोई मौके पर मौजूद रहे। पुलिस के अनुसार, इलाके में किसी भी संभावित विरोध को रोकने के लिए भीड़ को हटाया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। एसपी ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और जिन लोगों ने कब्जा किया है, वे स्वयं उसे हटा लें।
कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्हें जमीन खरीदते समय यह जानकारी नहीं थी कि यह सरकारी भूमि है। प्रभावित परिवारों ने आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए मुआवजे की मांग भी की है। एक स्थानीय महिला ने कहा कि यदि यह सरकारी जमीन थी तो बिक्री कैसे हुई, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
जिला प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और सरकारी जमीन को खाली कराकर स्कूलों के लिए खेल मैदान को पुनः उपयोग योग्य बनाया जा रहा है।