रीवा में आयोजित पूर्व सैनिकों की सभा में राष्ट्रीय सुरक्षा, संगठन विस्तार और कारगिल वीरों को नमन किया गया।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की वार्षिक प्रतिनिधि सभा में देश की आंतरिक सुरक्षा, संगठन विस्तार और आगामी रणनीति पर हुआ मंथन
रीवा। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद (मध्य क्षेत्र–मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़) की वार्षिक प्रतिनिधि सभा रीवा में संपन्न हुई। देशभर से आए वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, पदाधिकारियों और पूर्व सैनिकों ने संगठन की भावी कार्ययोजना पर व्यापक चर्चा की।
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी

बैठक में परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल बी.के. चतुर्वेदी (एवीएसएम), मेजर जनरल टी.पी.एस. रावत, ब्रिगेडियर एस.वी. सिंह, क्षेत्रीय पालक श्री प्रदीप जोशी तथा संगठन मंत्री श्री सुरेंद्र मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। ग्वालियर, भिंड और मुरैना की इकाइयों से भी बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं पदाधिकारी शामिल हुए।
भोपाल बैठक और संगठन विस्तार पर बनी रणनीति
प्रतिनिधि सभा में आगामी एक वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही 24–25 अगस्त 2026 को भोपाल में होने वाली बैठक की तैयारियों और संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने की रणनीति तय की गई।
देश और समाज की सुरक्षा पर दिया विशेष जोर

क्षेत्रीय पालक श्री प्रदीप जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूर्व सैनिक केवल देश की सीमाओं के ही नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण के भी महत्वपूर्ण प्रहरी हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल बी.के. चतुर्वेदी ने देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे, जबकि संगठन मंत्री श्री सुरेंद्र मिश्रा ने संगठन के विस्तार और जनसंपर्क को मजबूत करने के सूत्र बताए।
वीर नारियों और पूर्व सैनिकों का सम्मान
बैठक के समापन के बाद रीवा इकाई ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा एवं मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने वीर नारियों और पूर्व सैनिकों का सम्मान कर उनके अद्वितीय राष्ट्रसेवा योगदान को नमन किया।
राष्ट्र सेवा का संकल्प हुआ और मजबूत
प्रतिनिधि सभा का समापन राष्ट्रभक्ति, संगठनात्मक एकता और समाज के प्रति सेवा भावना को और अधिक मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।