रतलाम के एक ही सेंटर से 12 अभ्यर्थियों के चयन ने आबकारी आरक्षक भर्ती घोटाले का खुलासा किया। ईएसबी ने परीक्षा निरस्त कर पुलिस जांच शुरू कराई।
आबकारी विभाग की आरक्षक भर्ती परीक्षा में सुनियोजित तरीके से सांठगांठ कर फर्जीवाड़ा किया गया। यह मामला तब उजागर हुआ, जब प्रावीण्यता सूची जारी हुई। सूची में एक ही सेंटर के एक ही कक्ष के बारह उम्मीदवार प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर चयनित पाए गए।
इसके बाद निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिसमें परीक्षा पास कराने के लिए नकल कराते हुए गतिविधियां सामने आईं। इस गंभीर मामले को देखते हुए ईएसबी ने प्रकरण पुलिस विभाग को सौंप दिया है।
रतलाम थाने में दर्ज हुई FIR
जानकारी के अनुसार इस संबंध में रतलाम जिले के थाने में जालसाजी का प्रकरण दर्ज किया गया है। चूंकि घटना स्थल रतलाम जिले का स्कूल है, इसलिए केस डायरी भोपाल से रतलाम पुलिस अधीक्षक को भेज दी गई है। इस मामले में बारह अभ्यर्थियों के अलावा अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस को बारह आरोपियों के नामों की जानकारी मिल चुकी है। बताया गया है कि इस संबंध में रतलाम पुलिस को पूरा प्रतिवेदन प्रणीत सिजरिया पिता डॉ. रमाकांत सिजरिया, उम्र 42 वर्ष, ने दिया था। वे अयोध्या नगर थाना क्षेत्र स्थित गीत मोहिनी होम्स फेज-6 में निवासरत हैं। प्रणीत सिजरिया ने पुलिस को बताया कि वे प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट के पद पर तैनात हैं।
सितंबर 2025 में हुई थी परीक्षा
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आबकारी आरक्षकों की भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा 9 सितंबर से 21 सितंबर 2025 के बीच संपन्न हुई थी। मंडल ने रतलाम स्थित एक पब्लिक स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया था। इस परीक्षा केंद्र के एक कक्ष में आरोपी आशुतोष, विवेक शर्मा, कुलदीप, सुभाष सिंह, दयाशंकर कुशवाहा, रवि कुमार, अनिल कुमार, शैलेंद्र बोहरे, अंकित सिंह, संजीत, पुष्पेंद्र और आशु गुप्ता शामिल थे। ये सभी प्रावीण्यता सूची में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर आए थे।
शत-प्रतिशत परिणाम सामने आने के बाद परीक्षा तिथियों के दौरान लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। जांच में उक्त अभ्यर्थियों को नकल कराते हुए एक व्यक्ति कैमरे में दिखाई दिया। इसके बाद कर्मचारी चयन मंडल ने सभी अभ्यर्थियों के खिलाफ नकल प्रकरण दर्ज कर उनकी परीक्षाएं निरस्त कर दीं। साथ ही मामले को आपराधिक मानते हुए पुलिस को सौंपने का निर्णय लिया गया।
पुलिस ने तेज की जांच
इधर, पुलिस ने जालसाजी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल से चयनित अभ्यर्थियों के आवेदन, परीक्षा तिथियों की उपस्थिति का ब्यौरा मांगा गया है। इसके अलावा परीक्षा के दौरान के सीसीटीवी फुटेज भी तलब किए गए हैं। जांच के बाद आरोपियों को नोटिस जारी कर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ने की संभावना से भी इंकार नहीं किया है।