Breaking News
  • उत्तर प्रदेश में 20 हजार पदों पर आउटसोर्स भर्तियां होंगी, 426 करोड़ बजट बढ़ा
  • कुबेरेश्वर में 14 फरवरी से रुद्राक्ष महोत्सव- रुद्राक्ष नहीं बंटेंगे, पहली बार 2.5 किमी का पैदल कॉरिडोर
  • विदिशा में 30 फीट गहरे तालाब में गिरी कार, 3 बारातियों की मौत 7 घायल
  • राजस्थान- शादी समारोह में एसिड पीने से 4 की मौत, मृतकों में तीन महिलाएं भी शामिल
  • प्रधानमंत्री ऑफिस आज सेवा तीर्थ में शिफ्ट होगा, साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट मीटिंग
  • टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी जीत:, 47वीं बार 200+ स्कोर बनाया
  • बांग्लादेश चुनाव में BNP की जीत पर PM मोदी ने तारिक रहमान को बधाई दी
  • दिल्ली के कई स्कूलों को बम की धमकी, पुलिस ने जांच शुरू की

होम > प्रदेश > उत्तर प्रदेश

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शुरू किया विश्व का सबसे बड़ा गृह संपर्क अभियान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शुरू किया विश्व का सबसे बड़ा गृह संपर्क अभियान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शुरू किया विश्व का सबसे बड़ा गृह संपर्क अभियान

अवध प्रांत में गृह संपर्क अभियान के तहत 40 लाख घरों से संपर्क का लक्ष्य

विश्व का सबसे बड़ा गृह संपर्क अभियान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शुरू कर दिया है। संघ के कार्यकर्ता घर-घर जाकर भारत माता का चित्र और संघ का साहित्य वितरित कर रहे हैं। अवध प्रांत में इस अभियान के तहत 40 लाख घरों से संपर्क करने की योजना बनाई गई है। इस महासंपर्क अभियान में 20 हजार टोलियों के माध्यम से लगभग 80 हजार कार्यकर्ता एक माह तक लगातार घर-घर संपर्क करेंगे।

प्रमुख गतिविधियां

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वात रंजन, प्रांत संपर्क प्रमुख डॉ. हरनाम सिंह, प्रांत महामंत्री मीनाक्षी परिहार और संस्कार भारती की विभा सिंह ने पद्मश्री मालिनी अवस्थी और साहित्यकार पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह से संपर्क किया और संघ का साहित्य भेंट किया।लखनऊ विभाग के विभाग कार्यवाह अमितेश सिंह ने बताया कि लखनऊ में 49 नगर, 413 बस्तियाँ और 1,652 उप-बस्तियाँ हैं। प्रत्येक बस्ती और उप-बस्ती में 5-5 सक्षम कार्यकर्ताओं की टोली बनाई गई है।कुल 4,956 टोली और 14,868 कार्यकर्ता घर-घर जाकर संपर्क करेंगे। अभियान 21 दिसंबर तक चलेगा।

विशेष तैयारियां

प्रबुद्धजन के लिए अलग टोली बनाई गई है।

हिन्दू समाज के प्रतिष्ठित जन, सोसाइटी और बहुमंजिला इमारतों में संपर्क हेतु विशेष टोली बनाई गई है।

मठ-मंदिर और गुरुद्वारों में संपर्क के लिए भी अलग टोली गठित की गई है।