अयोध्या के राम मंदिर परिसर में सुरक्षा के तहत मोबाइल फोन और हथियारों पर प्रतिबंध लगाया गया है। 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन और चैत्र नवरात्र की शुरुआत को लेकर तैयारियां तेज हैं।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने परिसर में मोबाइल फोन और हथियारों के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया है। यह निर्णय 19 मार्च को राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे और चैत्र नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए लिया गया है।
मंदिर परिसर में मोबाइल और हथियारों पर प्रतिबंध
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर परिसर की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ वस्तुओं पर सख्त पाबंदी लागू की गई है.नए नियमों के अनुसार मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा लाइसेंसी रिवॉल्वर, तलवार, बंदूक या अन्य किसी भी प्रकार के हथियार को भी परिसर के भीतर पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।ट्रस्ट के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने साथ निजी सुरक्षा कर्मियों के साथ आता है, तो उन सुरक्षा कर्मियों को भी मंदिर परिसर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सिख समुदाय के लिए किरपान की अनुमति
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए सिख समुदाय के लोगों को छोटी किरपान धारण करने की अनुमति रहेगी। यह छूट केवल उन लोगों के लिए होगी जो कानूनी रूप से किरपान धारण करते हैं और उसे गले में पहनकर लाते हैं।
19 मार्च को राष्ट्रपति का अयोध्या दौरा
19 मार्च को द्रौपदी मुर्मू अयोध्या पहुंचेंगी। इस दौरान वह राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा और व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी हैं।
चैत्र नवरात्र और नववर्ष के कारण बढ़ेगी भीड़
19 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इसी दिन वर्ष प्रतिपदा के साथ हिंदी नववर्ष भी शुरू होता है। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना है.भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। नवरात्र के पहले दिन मंदिर में वीआईपी पास के जरिए दर्शन की व्यवस्था नहीं रहेगी, ताकि सामान्य श्रद्धालुओं के दर्शन प्रभावित न हों।