रायसेन किले से तोप चलाने और विवादित नारे लगाने के आरोप में चार युवकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि इस मामले की सभी एंगल से जांच की जा रही है।
मध्य प्रदेश के रायसेन से एक वीडियो सामने आया है जिसमें ऐतिहासिक रायसेन किले से चार युवक देसी तोप चलाते दिख रहे हैं। तेज धमाके की आवाज आती है और इसके बाद विवादित नारे सुनाई देते हैं। यही वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पुलिस प्रशासन पर सवाल उठे।
रील बनाकर खुद ही किया पोस्ट
पुलिस के अनुसार यह वीडियो युवकों ने खुद बनाया था। बाद में इसे रील के रूप में सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया। वीडियो तेजी से शेयर होने लगा। तो लोगों ने इसे गैरजिम्मेदाराना हरकत बताया। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि इस तरह की नारेबाजी से इलाके का सांप्रदायिक माहौल खराब हो सकता है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने वीडियो पर संज्ञान लेते हुए कहा मध्यप्रदेश के रायसेन में पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित क़िले की सफ़ील से आवासीय बस्ती के ऊपर देसी अवैध तोप चलाकर जनजीवन को ख़तरे में डाल रहे यह शोहदे ईरान और रमजान के नाम पर भय फैला रहे हैं। यहीं स्थित महादेव के मंदिर में हिंदुओं को दर्शन करने से बड़ी मुस्तैदी से रोकने वाले आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया तथा स्थानीय प्रशासन के अफ़सरों को उतनी ही तत्परता के साथ इन लफ़ंगों पर अवैध हथियार बनाने,गोला बारूद चलाने,दहशत फैलाने, नागरिकों के जीवन को ख़तरे में डालने और पुरातत्व धरोहर को नुक़सान पहुँचाने के लिए मुक़दमा बना लेना चाहिए।
पुलिस ने तुरंत शुरू की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद रायसेन पुलिस हरकत में आई। साइबर टीम की मदद से वीडियो की जांच की। वीडियो में दिख रहे चेहरों के आधार पर चार युवकों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने भोपाल और रायसेन से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है।

सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो माहौल को भड़काने का काम करते हैं। पुलिस भी इस पहलू की जांच कर रही है कि कहीं यह हरकत जानबूझकर तो नहीं की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की नारेबाजी या गतिविधि जो समाज में तनाव पैदा करे, उसे गंभीरता से लिया जाएगा।
ऐतिहासिक किले की सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद रायसेन किले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यह किला प्रदेश की महत्वपूर्ण धरोहर है। यहां इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि विरासत के साथ भी खिलवाड़ हैं।