रायपुर में कारोबारी के घर हुई 70 लाख की चोरी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। 12 दिन पहले रखा गया रसोइया मुख्य आरोपी बना है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू हुई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मोवा स्थित अशोका आइकन फेस-1 कॉलोनी में बड़ी वारदात हुई। यहां एक कारोबारी के घर करीब 70 लाख की चोरी का मामला सामने आया। पुलिस ने घर में 12 दिन पहले काम पर रखे गए रसोइए पर अपने साथियोंके साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है। आरोपी घटना के बाद से फरार है और उसकी तलाश जा री है।
दरअसल, पंडरी थाना क्षेत्र में रहने वाले कारोबारी पंकज अग्रवाल के अनुसार, उन्होंने महेंद्र कुमार यादव निवासी बांका (बिहार) को 14 जुलाई के दिन रसोइए के तौर पर रखा। इससे पहले भी वह कुछ दिन उनके यहाँ काम कर चुका था। परिवार का आरोप है कि घर की व्यवस्था और रोज की एक्टिविटी की जानकारी होने का फायदा उठाकर उसने वारदात की योजना बनाई।
परिवार के बाहर जाते ही वारदात को दिया अंजाम
पीड़ित की शिकायत के अनुसार, 26 जुलाई की दोपहर पंकज अग्रवाल अपने परिवार के साथ निजी काम से नया रायपुर गए थे। उस समय घर में रसोइया महेंद्र कुमार ही थी। शाम को लौटने पर मुख्य दरवाजा बंद मिला। वहीं, घर के पीछे का गेट खुला था। अंदर पहुंचने पर बेडरूम का दरवाजा और अलमारी खुली मिली। इतना ही नहीं उसमें रखा सामान गायब मिला।
नगदी-ज्वेलरी के साथ हुए फरार
परिवार ने देखा कि जिस अलमारी के दरवाजे खुले हैं उसमें रखे 51.50 लाख रुपए नगद, सोने के कंगन, हार, झुमके, टॉप्स,ब्रेसलेट, सोने की गिन्नियां, चांदी के सिक्के, पेन ड्राइव और बिजनेसमैन के कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर लिए गए। पुलिस के अनुसार, चोरी की गई संपत्ति की कुल कीमत करीब 70 लाख रुपये आंकी गई है।
पेचकर से अलमारी खोली, लेपटॉप बैग में भरा सामान
एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने पेचकस की मदद से अलमारी कोली और नकदी और सोने-चांदी के गहने लैपटॉप बैग में भरकर फरार हो गए। जांच कर रही पुलिस को शक है कि आरोपियों की यह वारदात सुनियोजित थी। आरोपी घर की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद सही समय का इंतजार किया फिर वारदात को अंजाम दिया।
सीसीटीवी और मोबाइल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद पंडरी थाना पुलिस पहुंची। और सबूतों को कलेक्ट करने लिए फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है। इसके साथ ही पुलिस सीसीटीवी फुटेज, आरोपी का मोबाइल नंबर के रिकॉर्ड खंगाल रही है। इतना ही नहीं संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल महेंद्र यादव का मोबाइल बंद आ रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जगहों पर छापामार कार्रवाई कर रही है।