रायपुर में नाबालिग से जुड़े गंभीर मामले में लापरवाही पर सिलयारी चौकी प्रभारी सस्पेंड किए गए। प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव के बाद कार्रवाई हुई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का शर्मनाक मामला सामने आया था। इस संवेदनशील मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। जांच में लापरवाही बरतने के आरोपों के बाद सिलयारी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने की है। दरअसल, मामले को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी चल रहे थे।
जांच में गंभीर लापरवाही का आरोप
पुलिस विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अपराध क्रमांक 207/26 के तहत दर्ज मामले की जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई थी। इसी आधार पर उपनिरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संबद्ध रखा जाएगा और नियमानुसार भत्ता दिया जाएगा।
7 जून को जारी हुआ निलंबन आदेश
बता दें कि आदेश 7 जून को एसपी ग्रामीण के हस्ताक्षर से जारी किया गया। इसकी प्रतिलिपि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी भेजी गई है ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके। साथ ही धरसींवा थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि निलंबित अधिकारी को तत्काल कार्यमुक्त किया जाए।
राजनीतिक दबाव और विरोध प्रदर्शन भी तेज
इस मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पक्षों ने अलग-अलग स्तर पर आवाज उठाई थी। भाजपा नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग की थी, जबकि कांग्रेस ने धरना-प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग को तेज किया था। चौकी प्रभारी के निलंबन को शुरुआती बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच आगे किस दिशा में जाती है और क्या और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है।