रायपुर के आरंग स्थित भलेरा धान खरीदी केंद्र में धान को पानी से भिगोने का वीडियो वायरल। जांच में 10,500 बोरी धान प्रभावित मिली, 4 कर्मचारी बर्खास्त।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले से धान खरीदी में लापरवाही और गड़बड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरंग के भलेरा धान खरीदी केंद्र में धान के बोरों पर मोटर पंप से पानी डालकर भिगोने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद ग्रामीणों और किसानों में भारी नाराजगी फैल गई।
वीडियो सामने आते ही किसानों का हंगामा
वीडियो जैसे ही वायरल हुआ आसपास के गांवों के किसान खरीदी केंद्र पहुंच गए। किसानों ने केंद्र में जमकर हंगामा किया और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। गुस्साए ग्रामीण कुछ समय के लिए धरने पर भी बैठ गए। किसानों का कहना था कि यह सीधे-सीधे उनके परिश्रम और फसल के साथ खिलवाड़ है।
कलेक्टर के निर्देश पर बनी जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने तुरंत जांच के आदेश दिए। प्रशासन की ओर से एक जांच समिति गठित की गई, जिसने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। समिति की रिपोर्ट में धान में नमी मिलने की पुष्टि हुई। जांच में यह भी पाया गया कि धान के बोरों को जानबूझकर पानी डालकर भिगोया गया था।
धान उपार्जन नीति के नियमों का उल्लंघन
जांच में यह कृत्य छत्तीसगढ़ शासन की धान उपार्जन नीति 2025–26 के नियमों के खिलाफ पाया गया। प्रशासन का कहना है कि खरीदी केंद्र में इस तरह की लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।
4 कर्मचारियों को किया गया बर्खास्त
जांच रिपोर्ट में समिति के प्रभारी प्रबंधक विष्णु साहू, लिपिकीय सहायक उमेश कुमार साहू, प्रोसेस सर्वर इंदरमन निषाद और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जितेंद्र कुमार साहू की लापरवाही सामने आई। प्रशासन ने चारों कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
10,500 बोरी धान नमी से प्रभावित
भौतिक सत्यापन के दौरान करीब 10,500 बोरी धान नमी से प्रभावित मिली। अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा भी तैयार किया। जांच पूरी होने के बाद उप आयुक्त सहकारिता ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
वायरल वीडियो में साफ दिखा पूरा मामला
वायरल वीडियो में दिन के समय एक कर्मचारी मोटर पंप और पाइप से धान के बोरों पर पानी डालता दिखाई दे रहा है। वह लगातार कई बोरियों को भिगो रहा था। आशंका जताई जा रही है कि धान की नमी बढ़ाकर उसे खराब दिखाने और बाद में किसी तरह का फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की जा रही थी। फिलहाल प्रशासन मामले की आगे भी जांच कर रहा है।