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मध्यप्रदेश के कार्यवाहक चीफ जस्टिस से प्रेमानंद महाराज ने कहा - भय और प्रलोभन विचलित नहीं कर सक

मध्यप्रदेश के कार्यवाहक चीफ जस्टिस से प्रेमानंद महाराज ने कहा - भय और प्रलोभन विचलित नहीं कर सकता

मध्यप्रदेश के कार्यवाहक चीफ जस्टिस से प्रेमानंद महाराज ने कहा - भय और प्रलोभन विचलित नहीं कर सकता

मध्यप्रदेश। कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा से प्रेमानंद महाराज ने मुलाकात की थी। जस्टिस संजीव सचदेवा ने प्रेमानंद महाराज से यह मुलाकात पदभार ग्रहण करने से पहले की थी। उनकी मुलाकात का वीडियो अब सामने आया है।

प्रेमानंद महाराज ने जस्टिस संजीव सचदेवा से कहा कि, "धर्मो रक्षति, रक्षितः, जो धर्म की रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता है। मनुष्य जीवन का प्रमुख लक्ष्य है भगवदानन्द। ये पद छूट जाएगा, आपका वैभव छूट जाएगा...यह सब कुछ समय के लिए है लेकिन निरंतर आनंद बढ़ता रहे और हम पतित न हों। आप अविनाशी हैं, सब मायानन्द है, यह अनित्य है नित्य कुछ भी नहीं। अपने कर्म को पूजा बनाना है यही भगवान को समर्पित करना है। न्याय करके दोषी को दंड देना ही है। किसी का न भय और न किसी का प्रलोभन...हमें यह विचलित नहीं कर सकता। हमें निर्दोष को बचाना ही है।"

"अपने - अपने कर्म के द्वारा अगर हम धर्म रूपी पूजा करें तो हमारा पूरा देश आगे बढ़ेगा। जब हम भय और प्रलोभन में आकर कुछ करते हैं तभी हमारी हानि हो जाती है। इससे हमारे समाज को पीड़ा होती है। यह समाज भगवत स्वरुप है। हमें अपने - अपने अधिकार के अनुरूप कर्म करना है। बहुत निर्भय और निर्लोभी होकर अपने पद का पालन करो यही भगवत प्राप्ति है, इसी से भगवान प्रसन्न होंगे। अगर हमसे चूक हो गई तो...मृत्यू लोक बहुत भयावह है, सब यहीं छूट जाएगा।"

"किसी व्यक्ति को ऐसे देश भेज दो जहां कहा जाए कि, आपको यहां रहनां है और सभी व्यवस्थाएं करनी है लेकिन जब आप यहां से जाएंगे तो निर्वस्त्र जाएंगे तो कितना भयावह देश है। यहां शरीर रूपी वस्त्र भी छीन लिया जाता है। यहीं आग लगा दी जाती है। कुछ नहीं सिर्फ कर्म हमारे साथ जाते हैं। इसलिए हम एक ऐसा महान काम करें जिससे भगवान प्रसन्न हो जाएं, हमारा आवागमन मिट जाए। भगवान अगरबत्ती, धूपबत्ती नहीं चाहते। भगवान तुम्हारी भावना चाहते हैं।"

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