प्रयागराज में इस बार आम की बंपर पैदावार हुई है। दशहरी, लंगड़ा समेत नई किस्मों के आम किसानों और आम प्रेमियों के लिए खुशखबरी बने हैं।
प्रयागराज में इस बार आम की शानदार पैदावार हुई है। जिले और आसपास के क्षेत्रों में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, सफेदा और आम्रपाली जैसी लोकप्रिय किस्मों के आमों से बाग महक उठे हैं। अच्छी फसल के कारण किसानों के चेहरे खिले हुए हैं, वहीं आम प्रेमियों को भी इस बार स्वाद और विविधता दोनों का भरपूर आनंद मिलने की उम्मीद है।
फलों का राजा कहे जाने वाले आम का मौसम शुरू होते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। प्रयागराज के बागों में इस बार उत्पादन बेहतर होने से व्यापारियों और निर्यातकों में भी उत्साह दिखाई दे रहा है।
नई किस्मों की खेती की ओर बढ़ रहे किसान
बदलते समय के साथ प्रयागराज के किसान अब पारंपरिक किस्मों के साथ नई प्रजातियों की खेती पर भी जोर दे रहे हैं। रतौल, बॉम्बे ग्रीन, अंबिका, अरुणिका और मल्लिका जैसी नई किस्मों के आम अब यहां के बागों की नई पहचान बनते जा रहे हैं।कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि नई किस्मों की मांग बढ़ने से किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना रहती है। इसी कारण बड़ी संख्या में किसान आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपना रहे हैं।
विदेशों तक पहुंचता है प्रयागराज का आम
प्रयागराज क्षेत्र से हर वर्ष करीब 50 हजार टन आम संयुक्त अरब अमीरात और ओमान जैसे देशों को निर्यात किया जाता है। अच्छी गुणवत्ता और स्वाद के कारण यहां के आमों की विदेशों में भी मांग लगातार बढ़ रही है।विशेषज्ञों के अनुसार निर्यात बढ़ने से किसानों की आय में सुधार हो रहा है और क्षेत्र की बागवानी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
नई पौध तैयार करने पर भी जोर
खुशरो बाग स्थित औद्योगिक प्रयोग और प्रशिक्षण केंद्र में आम की नई किस्मों की पौध लगातार तैयार की जा रही है। यहां विकसित पौधे नर्सरी के माध्यम से किसानों तक पहुंचाए जाते हैं।इन पौधों से तीन से पांच वर्षों के भीतर अच्छी फसल मिलने लगती है। इससे किसान नई प्रजातियों की खेती के लिए तेजी से प्रेरित हो रहे हैं।
डेढ़ लाख टन तक पहुंचा वार्षिक उत्पादन
प्रयागराज मंडल के प्रयागराज, प्रतापगढ़ और कौशांबी जिलों में करीब 2400 से 2500 हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती की जाती है। इन जिलों में कुल मिलाकर लगभग डेढ़ लाख टन आम का वार्षिक उत्पादन होता है।वहीं अकेले प्रयागराज जिले में 600 से 650 हेक्टेयर क्षेत्र में आम की बागवानी की जा रही है, जहां हर साल 10 हजार टन से अधिक आम का उत्पादन दर्ज किया जाता है।