पयागपुर राजघराने की विरासत 'तस्वीर घर' आज भी वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रही...
Payagpur Tasveer Ghar: उपेक्षा के बीच भी शान से खड़ा है पयागपुर का 'तस्वीर घर' |
अनुराग गुप्ता/श्याम सुन्दर श्रीवास्तव, बहराइच : पयागपुर राजघराने की गौरवशाली विरासत का प्रतीक ऐतिहासिक 'तस्वीर घर' आज भी अपने भव्य अतीत की कहानी बयां कर रहा है, लेकिन विडंबना यह है कि वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रही यह धरोहर संरक्षण की बाट जोह रही है। कभी राजपरिवार की सांस्कृतिक और कलात्मक पहचान रहा यह भवन आज भी अपनी बेजोड़ वास्तुकला, आकर्षक नक्काशी और ऐतिहासिक महत्व के कारण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
पयागपुर रियासत की मानी जाती है निशानी
तहसील मुख्यालय स्थित यह ऐतिहासिक इमारत पयागपुर रियासत की समृद्ध विरासत की जीवंत निशानी मानी जाती है। भवन की कलात्मक बनावट और शाही स्थापत्य उस दौर की समृद्धि का एहसास कराते हैं। इतिहास प्रेमी और स्थानीय लोग इसे देखने पहुंचते हैं, लेकिन समय के साथ संरक्षण के अभाव में "तस्वीर घर" की तस्वीर धुंधली होती जा रही है। स्थानीय नागरिक कमल निगम, रणजीत तिवारी, श्याम जी, आनंद मोहन, पुरुषोत्तम, श्यामू महेश्वरी आदि का कहना है कि यदि तस्वीर घर का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण कर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो पयागपुर को प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिल सकती है। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यापार को भी नई गति मिलेगी।
क्या कहते है बुद्धिजीवी?
बुद्धिजीवी आनंद बिहारी शुक्ला एवं हरिओम रस्तोगी का कहना है कि "तस्वीर घर" केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि पयागपुर राज की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक वैभव का प्रतीक है। इसकी भव्यता आज भी उस स्वर्णिम काल की याद दिलाती है, जब पयागपुर रियासत अपनी समृद्ध परंपराओं और ऐतिहासिक पहचान के लिए प्रसिद्ध थी।
क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन, पर्यटन विभाग और राज परिवार से इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण, आवश्यक मरम्मत और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियां इस अमूल्य धरोहर से वंचित हो सकती हैं।
संरक्षण से पर्यटन और रोजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा
यदि तस्वीर घर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता है तो पयागपुर में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, छोटे व्यापारियों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह धरोहर बहराइच जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होने की क्षमता रखती है।
राज परिवार और प्रशासन की पहल का इंतजार
स्थानीय नागरिक बताते हैं कि "तस्वीर घर" पयागपुर राज की ऐतिहासिक धरोहर है। इसलिए इसके संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकारी विभागों की ही नहीं, बल्कि राज परिवार की भी है। यदि दोनों पक्ष मिलकर पहल करें तो यह ऐतिहासिक इमारत फिर से अपनी पुरानी भव्यता प्राप्त कर सकती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखी जा सकती है।