Breaking News
  • भारत फिर बना टी20 किंग:इतिहास रचते हुए भारत तीसरी बार टी20 वर्ल्ड चैंपियन
  • International Women’s Day Special: भोपाल से बिलासपुर तक दौड़ी ‘नारी शक्ति’ की ट्रेन
  • क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी: 28 मार्च से शुरू होगा IPL 2026, शेड्यूल में बदलाव
  • हाई कोर्ट का अहम फैसला: हिंदू रीति अपनाने वाले आदिवासी भी हिंदू विवाह अधिनियम के दायरे में
  • इंडिया की टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में धुंआधार बैटिंग, 12 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 161
  • T20 वर्ल्ड कप फाइनलः न्यूज़ीलैंड ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुनी, भारत की पहले बैटिंग
  • केरल में विदेशी जहाज से टक्कर के बाद मछुआरों की नाव डूबी, 2 लापता
  • 1 से 7 मार्च 2026 के बीच 52,000 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित रूप से खाड़ी देशों से भारत लौटे
  • इजराइल ने ईरानी तेल ठिकानों पर मिसाइलें गिराईं: 3 डिपो और 30 फ्यूल टैंक तबाह, ईरान ने 5 देशों पर हमले किए

होम > प्रदेश > छत्तीसगढ़

अब सिर्फ 52 दिन बाकी: रायपुर में अमित शाह की हाई लेवल मीटिंग

अब सिर्फ 52 दिन बाकी: रायपुर में अमित शाह की हाई लेवल मीटिंग


अब सिर्फ 52 दिन बाकी रायपुर में अमित शाह की हाई लेवल मीटिंग

देश को माओवाद मुक्त बनाने की 31 मार्च 2026 की समयसीमा अब बेहद करीब आ चुकी है। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए महज़ 52 दिन शेष हैं और इसी अहम मोड़ पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रविवार को रायपुर में नक्सल विरोधी अभियानों की हाई लेवल समीक्षा बैठक ले रहे हैं। इसे केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि ‘ऑपरेशन क्लीन’ के अंतिम चरण की रणनीति तय करने वाला निर्णायक पड़ाव माना जा रहा है।

मैराथन बैठक में बड़े फैसलों की उम्मीद

सुबह 11 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव, डीजीपी और अर्धसैनिक बलों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। फोकस साफ है बचे हुए नक्सल प्रभावित इलाकों की स्थिति, चल रहे अभियानों की रफ्तार और अंतिम एक्शन प्लान को जमीन पर उतारना. गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मार्च 2026 तक माओवाद मुक्त भारत का लक्ष्य अब ‘काउंटडाउन मोड’ में है और इसी वजह से आज की समीक्षा को बेहद अहम माना जा रहा है।

बस्तर का करीब 95 प्रतिशत इलाका अब हिंसा मुक्त

यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब बस्तर अंचल में नक्सलवाद का दायरा काफी हद तक सिमट चुका है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बस्तर का करीब 95 प्रतिशत इलाका अब हिंसा मुक्त बताया जा रहा है। चुनौती सिर्फ उस लगभग 5 प्रतिशत क्षेत्र की है, जहां अब भी माओवादी गतिविधियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। इन्हीं इलाकों के लिए समयबद्ध और सख्त रणनीति तय की जानी है।

ऑपरेशन क्लीन पर सीधी नजर

अमित शाह पहले ही साफ कर चुके हैं कि नक्सलवाद के खिलाफ अब किसी भी तरह की ढील नहीं होगी। बैठक में ऑपरेशन क्लीन की प्रगति, नए सुरक्षा कैंपों का विस्तार, खुफिया नेटवर्क और जमीनी समन्वय पर विस्तार से चर्चा होगी. सूत्र बताते हैं कि बस्तर के कुछ इलाकों में अब भी करीब 150 सशस्त्र माओवादी सक्रिय माने जा रहे हैं। इन्हें लेकर टारगेटेड ऑपरेशन और सरेंडर पॉलिसी, दोनों विकल्पों पर समानांतर काम करने की रणनीति बनेगी।

आंकड़ों में नक्सल विरोधी अभियान

  • बस्तर का लगभग 95 प्रतिशत क्षेत्र हिंसा मुक्त
  • वर्ष 2025 में मुठभेड़ों में 317 माओवादी ढेर
  • 11 शीर्ष माओवादी नेता मारे गए
  • 1973 माओवादी मुख्यधारा में लौटे
  • 135 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए

Related to this topic: