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जिनके खिलाफ गंभीर शिकायतें वे हटेंगे…

जिनके खिलाफ गंभीर शिकायतें वे हटेंगे…

जिनके खिलाफ गंभीर शिकायतें वे हटेंगे…

भोपाल। प्रदेश सरकार बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करने की तैयारी में है। अधिकारियों के नामों को लेकर मंथन का अंतिम दौर जारी है। इस बीच यह खबर चौकाने वाली है कि इस बार अधिकारियों की 'छवि' को लेकर भी मंत्रालय गंभीर है।

क्योंकि हाल ही में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के चरित्र का मामला सामने आने के बाद उन पर तबादले की गाज गिर चुकी है। ऐसे में मैदानी पदस्थापना से पहले अधिकारियों की साफ-सुथरी छवि को बारीकी से देखा जा रहा है।

मंत्रालय सूत्रों के अनुसार हाल ही में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तबादलों को लेकर एक दौर का मंथन हो चुका है, लेकिन कुछ पुलिस अधिकारियों की खराब छवि का मामला सामने आया है।

कुछ पुलिस अधिकारियों की 'करतूत' को सरकार ने गंभीरता से लिया है। साथ ही तबादलों से पहले इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि जिन अधिकारियों की छवि खराब है या जिनके खिलाफ चरित्र को लेकर गंभीर आरोप हैं, उन्हें मैदानी पदस्थापना से हटाया जाए।

साथ ही उन्हें मैदानी पदस्थापना से भी दूर रखा जाए। यहां बता दें कि हाल ही में सरकार ने दो अलग-अलग तबादला सूचियों में 18 पुलिस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। पहली सूची में कटनी, दतिया के पुलिस अधीक्षक समेत चंबल रेंज के महानिरीक्षक और उपमहानिरीक्षक के तबादले भी किए गए।

इन चारों अधिकारियों के व्यवहार से सरकार बेहद नाराज है। दूसरी सूची में 8 अधिकारियों के नाम थे, जिनमें बालाघाट पुलिस अधीक्षक को भी हटाया गया है। बालाघाट पुलिस अधीक्षक पर भी उनकी आईपीएस पत्नी ने आरोप लगाते हुए पुलिस मुख्यालय को शिकायत भेजी थी। उनको हटाने की वजह शिकायत को बताया जा रहा है।

शिकायतों पर मंत्रालय बेहद गंभीर

प्रदेश सरकार अधिकारियों पर लगाम कसने जा रही है। भ्रष्टाचार के अलावा दूसरे मामलों को भी गंभीरता से लिया गया है। अगले कुछ दिनों के भीतर जारी होने वाली अधिकारियों की मैदानी पदस्थापना की सूची में इसका असर दिखाई देगा।

वर्तमान में जो अधिकारी मैदान में पदस्थ हैं, उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के अलावा छवि या चरित्र संबंधी शिकायत हैं। उन्हें हटाया जा रहा है। साथ ही मैदान में भेजे जाने वाले अधिकारियों की भी 'स्क्रीनिंग' की जा रही है। 

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