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दो दिन की बच्ची की जान बचाने छुट्टी के दिन खुला कार्यालय

दो दिन की बच्ची की जान बचाने छुट्टी के दिन खुला कार्यालय

दो दिन की बच्ची की जान बचाने छुट्टी के दिन खुला कार्यालय

दिल में छेद होने का पता चलते ही हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग का अमला

जबलपुर दो दिन की मासूम बच्ची के दिल में छेद होने की जानकारी मिलने के बाद उसके इलाज के लिए न केवल अवकाश के दिन कार्यालय खोला गया, बल्कि उसे ऑपरेशन के लिए एयर एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई। मध्यप्रदेश में यह पहली बार है कि दो दिन की बच्ची के इलाज के लिए राज्य सरकार द्वारा एयर एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की गई। गुरुवार को बच्ची को एयर एंबुलेंस से मुंबई के नारायण अस्पताल ले जाया जाएगा, जहां उसका ऑपरेशन किया जाएगा।

बच्ची के दिल में है छेद

सिहोरा में रहने वाले सतेंद्र दाहिया की पत्नी शशि दाहिया ने सोमवार को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। जन्म के बाद डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि लड़का पूरी तरह स्वस्थ है, लेकिन बच्ची गंभीर बीमारी से जूझ रही है। बच्ची के दिल में छेद है और यदि समय पर इलाज नहीं हुआ तो उसकी जान पर खतरा हो सकता था।

जान बचाने डेढ़ घंटे में दस्तावेज किए तैयार

मासूम बच्ची की जान बचाने के लिए राज्य सरकार सक्रिय हुई। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के कार्यालय को अवकाश के दिन खोला गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से लेकर जिला प्रबंधक ने कार्यालय खोला और सिर्फ डेढ़ घंटे में सभी दस्तावेज तैयार किए।

स्वास्थ्य विभाग ने दी सेवा की मिसाल

चिकित्सा विभाग में पदस्थ डॉ. विनिता उप्पल और श्रेय अवस्थी ने एयर एंबुलेंस की व्यवस्था के लिए अधिकारियों से समन्वय किया। गुरुवार सुबह दो दिन की बच्ची को एयरलिफ्ट कर मुंबई के नारायण अस्पताल भेजा जाएगा।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि मासूम बच्ची की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया, जो सफल रहा। बच्ची के इलाज का खर्च पूरी तरह राज्य सरकार उठाएगी। इससे पहले भी बच्चों को इलाज के लिए मुंबई भेजा गया था, लेकिन एयरलिफ्ट पहली बार किया गया है।

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