दीपक उपाध्याय, नई दिल्ली। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र समेत देश के दाल उत्पादक किसानों की पूरी उपज अब केंद्र सरकार एजेंसियों के जरिए से खरीदेगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों के हितों और दालों के आयात को कम करने के लिए सरकार किसानों से पूरी उपज खरीदेगी। यह खरीदी 100 प्रतिशत मूल्य समर्थन योजना के तहत होगी, जिसमें किसानों को लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिया जाता है। इस योजना के तहत किसान सरकारी केंद्रों पर अपनी पूरी फसल बेच सकते हैं।
दरअसल भारत विश्व का सबसे बड़ा दाल उत्पादक तो है, साथ ही साथ वह दुनिया का सबसे बड़ा दाल आयातक भी है। पूरी दुनिया का 27 प्रतिशत दाल आयात भारत करता है, इससे ना सिर्फ भारत का आयात बिल बढ़ता है, बल्कि किसानों को भी नुकसान होता है। लिहाजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके लिए दाल खरीद की घोषणा की थी, जिसपर अब अमल शुरु हो गया है।
इस योजना का सबसे ज्य़ादा लाभ मध्यप्रदेश के दलहन उत्पादक किसानों को होगा। भारत में दाल उत्पादन में मध्यप्रदेश सबसे ऊपर है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि दलहन में आत्मनिर्भरता हमारा संकल्प है और इस तारतम्य में प्रमुख तुअर उत्पादक राज्यों में तुअर की खरीद की जा रही है जिसमें तेजी आई है। खरीफ 2024-25 सीजन के दौरान मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश राज्यों में तुअर (अरहर) की खरीद को मंजूरी दी है। इसके साथ ही कर्नाटक में खरीद अवधि को 1 मई तक कर दिया गया है।