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CJI संजीव खन्ना नहीं अब जस्टिस बीआर गवई करेंगे वक्फ संशोधन अधिनियम की सुनवाई

CJI संजीव खन्ना नहीं अब जस्टिस बीआर गवई करेंगे वक्फ संशोधन अधिनियम की सुनवाई

cji संजीव खन्ना नहीं अब जस्टिस बीआर गवई करेंगे वक्फ संशोधन अधिनियम की सुनवाई

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई शुरू की। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 15 मई को जस्टिस बीआर गवई के समक्ष तय की। सेवानिवृत्ति से पहले CJI संजीव खन्ना ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि, वे वक्फ संशोधन अधिनियम मामले की सुनवाई नहीं करेंगे। मामले को न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ को भेजा गया है।

वकील वरुण सिन्हा ने कहा, "अब इस मामले की सुनवाई 15 मई को नई पीठ के समक्ष होगी। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि इस मामले की विस्तार से सुनवाई की जरूरत है। आज कोई सुनवाई नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन अधिनियम मामले पर वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा, "हम इस मामले के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"

बीते दिनों वक्फ कानून मामले पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में प्रारंभिक हलफनामा दाखिल किया था। सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका दायर की गई थी। इन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अदालत ने केंद्र को हलफनामा दाखिल करने का समय दिया था। अब इस मामले की सुनवाई जस्टिस बीआर गवई की पीठ करेगी।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करने की मांग की थी।

केंद्र ने अधिनियम के किसी भी प्रावधान पर रोक लगाने का विरोध करते हुए कहा था कि कानून में यह स्थापित स्थिति है कि संवैधानिक अदालतें किसी वैधानिक प्रावधान पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोक नहीं लगाएंगी और मामले पर अंतिम रूप से निर्णय लेंगी।

केंद्र ने कहा था कि, वक्फ-बाय-यूजर को वैधानिक संरक्षण से वंचित करने से मुस्लिम समुदाय के किसी व्यक्ति को वक्फ बनाने से वंचित नहीं किया जाता है।