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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने इंदौर में किया ‘परिक्रमा कृपा सार’ पुस्त

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने इंदौर में किया ‘परिक्रमा कृपा सार’ पुस्तक का विमोचन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने इंदौर में किया ‘परिक्रमा कृपा सार’ पुस्तक का विमोचन

इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत रविवार को मध्य प्रदेश में इंदौर प्रवास के दौरान यहां ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नर्मदा खंड सेवा संस्थान के कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल की लिखी पुस्तक ‘परिक्रमा कृपा सार’ का विमोचन किया। कार्यक्रम में स्वामी ईश्वरनंद और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद हैं।

इससे पहले सरसंघचालक डॉ. भागवत का मंत्री प्रह्लाद पटेल ने मां नर्मदा का चित्र भेंट कर स्वागत किया। सरसंघचालक ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, मंत्री विश्वास सारंग, राकेश शुक्ला, चैतन्य काश्यप, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट, इंदौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

पंचायत मंत्री पटेल ने मंच से सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आपकी उपस्थिति नर्मदा परिक्रमा वासियों को साहस और दिशा देती है, जिससे हम सनातन धर्म के लिए कुछ कदम बढ़ाने की हिम्मत जुटा सकते हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी नर्मदा परिक्रमा के अनुभव भी साझा किए। मंत्री पटेल ने बताया कि उन्होंने अपनी पुस्तक को छापने से पहले मना कर दिया था, क्योंकि उनका मकसद नर्मदा को “बेचना” नहीं था। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों में मुझे दो मौके मिले। 2005 में जब मैंने फिर से यात्रा की और उसके बाद मैं केंद्र में संस्कृति मंत्री बना, तब मेरे मित्रों ने कहा कि अब आप इसे छपने को दो। मेरे पास 72 घंटे की नर्मदा यात्रा और उसके किनारे की वीडियो मौजूद थी। लोगों ने भी मुझसे इसके बारे में पूछा, तब भी मैंने कहा कि मैं नर्मदा को बेचना नहीं चाहता।

पटेल ने कहा कि “नर्मदा हमारी माता है, नदियां हमारी विरासत है, ये हमारा जीवन है, हम संकल्प लेकर जाए। इस पुस्तक का विमोचन सिर्फ विमोचन नहीं है, इसकी एक-एक पाई गौसेवा में लगेगा और परिक्रमा वासी के लिए लगेगा। 

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