भोपाल में राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट महोत्सव 2026 का समापन हुआ। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा, सीमाएं विचारों में होती हैं, संकल्प के सामने सब समाप्त हो जाती हैं।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि यह मंच मानवीय संकल्प, आत्मविश्वास और अदम्य साहस के अद्भुत प्रदर्शन का साक्षी है। राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव 2026 ‘नॉट आउट @100’ का समापन केवल एक समारोह भर नहीं है, बल्कि यह आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन का उत्सव है। प्रतियोगिता के प्रत्येक प्रतिभागी खिलाड़ी ने अपनी क्षमता, धैर्य और परिश्रम से यह सिद्ध किया है कि सीमाएँ केवल हमारे विचारों में होती हैं, संकल्प के सामने सब समाप्त हो जाती हैं। श्री पटेल गुरुवार को पुलिस लाइन स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
दिव्यांग भाई-बहनों का हौसला अनुकरणीय
प्रदेश अध्यक्ष भाजपा एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान दिव्यांग भाई-बहनों का हौसला अनुकरणीय रहा। उन्होंने 100 घंटे क्रिकेट को एक अनूठा आयोजन बताते हुए कहा कि यह अभिनंदनीय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विकास में दिव्यांगजनों के योगदान के अवसर उपलब्ध कराने और उनकी प्रतिभा को पहचानने के प्रयास समाज को मिलकर करने चाहिए। उन्होंने आयोजन की परिकल्पना की सराहना करते हुए आयोजकों को बधाई दी।
खेल प्रतियोगिता एक संकल्प था
प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि यह खेल प्रतियोगिता एक संकल्प थी, आत्मविश्वास का साझा उत्सव और साधना थी। प्रतिभागियों ने दिखा दिया कि सीमाएँ परिस्थितियों में हो सकती हैं, संकल्प में नहीं। उन्होंने बताया कि खेल महोत्सव में छह प्रकार की दिव्यांगता के कुल 754 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें 100 से अधिक महिला दिव्यांग खिलाड़ियों ने भी अपनी खेल-कौशल का परिचय दिया। महोत्सव में 32 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भी भाग लिया। आभार प्रदर्शन राम मनोहर सिंह ने किया।